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RTI: सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिल सकती हर सूचना
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:09 AM IST
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सरकारी कर्मचारियों को आरटीआई में सरकारी गतिविधियों से संबंधित हर सूचना नहीं दी जा सकती है।
सरकारी कर्मचारियों को आरटीआई में सरकारी गतिविधियों से संबंधित हर सूचना नहीं दी जा सकती है। हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग ने इस टिप्पणी के साथ एक अपील को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि सरकारी कर्मचारी का अभिव्यक्ति का अधिकार सीमित है और वह सरकार का अविभाज्य हिस्सा है।
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आयोग ने अपीलकर्ता सेवानिवृत्त कर्मचारी को अस्सी के दशक में हुई पदोन्नतियों की पूरी सूचना दिलाने से भी साफ इंकार कर दिया। हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त केडी बातिश की अदालत ने ये फैसला सेवानिवृत्त अधीक्षक बीरबल बनाम अतिरिक्त सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अपील पर सुनाया है।
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आयोग ने कहा कि अपीलकर्ता एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी है और अपीलकर्ता ने ये सूचना वर्ष 1987 से संबंधित चाही है। इस तरह की कई सूचनाएं मांगी जा रही हैं। आयोग का मानना है कि एक सरकारी कर्मचारी अपने नियोक्ता के खिलाफ आरटीआई एक्ट के प्रावधानों का इस्तेमाल नहीं कर सकता है।
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सरकारी कर्मचारी सरकार का अविभाज्य हिस्सा है और उसके सरकार के साथ नियमानुसार अभिन्न संबंध हैं। संविधान में दिए गए सरकारी कर्मचारी के बोलने और अभिव्यक्ति के अधिकार कंडक्ट रूल्स की सीमाओं में ही निर्धारित हैं। वह अपने नियोक्ता के खिलाफ आरटीआई एक्ट के दंडात्मक प्रावधानों को लागू करने की बात नहीं कर सकता है।
पब्लिक अथॉरिटी के पास कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी थर्ड पार्टी सूचना है और इसे सार्वजनिक गतिविधियों से संबंधित सूचना नहीं माना जा सकता है। इन सारी बातों को ध्यान में रखा जाए तो इस अपील में कोई भी मेरिट नहीं है और इसे खारिज किया जाता है। ये उल्लेखनीय है कि अपीलकर्ता कर्मचारी बीरबल की सेवानिवृत्ति दो साल पहले हुई थी। अपीलकर्ता ने ये सूचना पदोन्नति प्रक्रिया के तहत की गई डीपीसी आदि के बारे में मांगी थी।