उपचुनाव में हार पर हिमाचल कांग्रेस की सभी कार्यकारिणियों को किया भंग
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लोकसभा चुनाव, विधानसभा उपचुनाव में हार और गुटबाजी की गाज हिमाचल कांग्रेस कार्यकारिणी पर गिरी है। पार्टी हाईकमान ने हिमाचल कांग्रेस की सभी कार्यकारिणियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के आदेश एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लिखित रूप में जारी कर दिए हैं। हाईकमान ने प्रदेश कार्यकारिणी के अलावा जिला और ब्लाक कांग्रेस कार्यकारिणियों को भंग कर दिया है।
जारी आदेशों में कहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर फिलहाल नहीं बदले जाएंगे। दूसरी ओर हाईकमान ने पार्टी के वरिष्ठ नेता विधायक रामलाल ठाकुर को दिल्ली तलब किया। रामलाल 22 नवंबर को पार्टी के केंद्रीय नेता वेणुगोपाल, अहमद पटेल और मोती लाल वोरा से मिलेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान और बेलगाम नेताओं पर नके ल कसने के लिए हाईकमान ने यह कदम उठाया है।
एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में जारी पत्र में कहा है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश कांग्रेस, जिला कांग्रेस कमेटी और ब्लाक कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। उल्लेखनीय है कि धर्मशाला और पच्छाद विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के कई नेताओं के खिलाफ हाईकमान के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं। इसके अलावा नेता दिल्ली दरबार में बराबर हाजिरी भर रहे थे और ये नेता कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं से संपर्क में थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हाईकमान ने यह कदम उठाया है।
क्या कहते हैं प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर कहते हैं कि पार्टी को एकजुट करने के लिए उन्होंने पूरी ताकत लगाई है। हाईकमान के तय कार्यक्रम के अनुसार उन्होेंने प्रदेश भर में महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर आंदोलन चलाया और हाईकमान ने इसे सराहा है। नई कार्यकारिणी कब बनेगी? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी दिल्ली की भारत बचाओ रैली पर ध्यान केंद्रित किया है।
हाईकमान का फैसला सही, अभी और सुधार जरूरी
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू कहते हैं कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रभारी रजनी पाटिल ने पीसीसी, डीसीसी और बीसीसी भंग करके सही फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पार्टी संगठन में अभी और सुधार करना जरूरी है। कांग्रेस संविधान के अनुसार प्रदेशाध्यक्ष पद को भंग नहीं कर सकते। हाईकमान सीधे नया अध्यक्ष तैनात करता है, जैसे मुझे हटाकर नया अध्यक्ष लगाया था।