खुफिया इनपुट के बाद डलहौजी में अलर्ट जारी, रिकॉर्ड रखने के निर्देश
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पर्यटन नगरी डलहौजी में सुरक्षा के इंतजाम कड़े करने को अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर से सटे डलहौजी के आसपास वायु सेना व सैन्य प्रतिष्ठान होने के चलते सुरक्षा चाक चौबंद करने के इनपुट जारी हुए हैं।
इसी को देखते हुए रविवार को डलहौजी में सैन्य अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन के अफसरों और पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों के साथ बैठक की।
सेना की ओर से सुरक्षा को लेकर खास एहतियात बरतने को कहा गया है।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में सैन्य अधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों से मिले ताजा इनपुट को लेकर इलाके को संवेदनशील बताया है। बैठक में मौजूद स्थानीय होटल मालिकों, ठेकेदारों और अन्य कारोबारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
ताजा इनपुट में इलाके को संवेदनशील बताया
सूत्रों ने बताया कि बैठक में सैन्य अधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों से मिले ताजा इनपुट को लेकर इलाके को संवेदनशील बताया है। बैठक में मौजूद स्थानीय होटल मालिकों, ठेकेदारों और अन्य कारोबारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
इस दौरान डलहौजी में अवैध रूप से चलाए जा रहे होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे को सुरक्षा के लिहाज से खतरा बताया गया। सूत्रों ने बताया कि सेना ने पूरे इलाके का सुरक्षा खाका तैयार करने पर जोर दिया है, जिसमें किसी भी आपात स्थिति में सैन्य अभियान को सफलतापूर्वक चलाया जा सके।
बैठक में साफ कहा गया है कि यदि पर्यटकों की आमद की कोई कारोबारी सटीक रिकॉर्ड नहीं रखता है तो इसके लिए संबंधित कारोबारी ही जिम्मेवार होगा। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्यटन उद्योग से जुड़े
लोगाें को सहयोग संबंधी तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी। गौरतलब है कि डलहौजी की पठानकोट से दूरी 85 किलोमीटर है, जबकि जम्मू-कश्मीर के साथ चंबा जिले की 216 किलोमीटर लंबी सरहद है।
डलहौजी का सिक्योरिटी मैप तैयार करेगी सेना
बैठक में सैन्य अधिकारियों ने बताया है कि सुरक्षा के दृष्टिगत सेना डलहौजी का मैप तैयार करेगी। इसमें होटलों के कमरों से लेकर सारी स्थिति को अंकित किया जाएगा। ताकि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सेना तैयार रहे।
एसडीएम डलहौजी मुरारी लाल ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत सैन्य और वायुसेना के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। इसमें होटल और टैक्सी चालकों को सुरक्षा संबंधित एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्ष 1998 में चंबा के सतरुंडी और कालाबन में आतंकियों ने 35 लोगों का नरसंहार किया था। बैठक में मौजूद स्थानीय होटल मालिक अशोक महाजन ने बताया कि सेना के उच्च स्तरीय अधिकारियाें की इस तरह से बैठक लेना गंभीर विषय है। इसे लेकर तमाम कारोबारी हर संभव सहयोग को तैयार हैं।