मणिमहेश: शाही स्नान से पहले सूखा गौरीकुंड
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रंजीत शर्मा, भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा पूरी होने से पूर्व ही गौरीकुंड सूख गया है। शाही स्नान 20 सितंबर से शुरू होगा और 21 तक चलेगा। इसके बाद मणिमहेश यात्रा संपन्न हो जाएगी। लेकिन, इस बार गौरीकुंड सूख जाने से खासकर महिलाओं को दिक्कतें पेश आएंगी। मणिमहेश यात्रा पर आने वाली महिलाओं के लिए यह सबसे अहम पड़ाव है और महिलाएं यहीं स्नान करती हैं।
आमतौर पर पानी से लबालब भरे रहने वाले गौरीकुंड में इस बार नाममात्र का भी जल रह गया है। इससे दिक्कत यह आ रही है कि महिलाओं को माता गौरी की पूजा अर्चना करने से पहले स्नान के लिए पानी ही नहीं मिल पा रहा है। उधर, मणिमहेश यात्रा से जुड़े संत दत्तात्रेय और रवि गिरि इसे अपशकुन मान रहे हैं। इनका मानना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि जब गौरीकुंड का सारा जल रहस्यमय तरीके से सूख गया है।
आमतौर पर ऐसा देखने में नहीं आया है, लेकिन इस बार इस तरह होना अच्छा संकेत नहीं है। स्पष्ट है कि माता गौरी किसी न किसी रूप से यात्रियों से नाराज हैं। ऐसे में यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को विशेष एहतियात रखने चाहिए। वर्ष 1995 के जलजले में इसी गौरीकुंड से अथाह जल निकल कर चारों ओर फैल गया था। जिसने पहाड़ से नीचे बह कर भयंकर बाढ़ का रूप भी ले लिया था। इस बार इस कुंड में बिल्कुल भी जल न होना अच्छे संकेत नहीं हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार गौरीकुंड का जल तभी सूखता जब इसके समीप गंगा जल को ले जाया जाए।
'कुंड से छेड़छाड़ की वजह से सूखा पानी'
संचूई के चेले वकील राम भारद्वाज और मखौली राम का कहना है कि स्थल के अपवित्र होने से गौरीकुंड का पानी सूख जाता है। यह कुंड सिर्फ महिलाओं के स्नान के लिए बना है और पुरुष यहां नहीं जा सकते हैं। जब कुंड के साथ छेड़छाड़ होती है तो इस तरह का वाकया सामने आता है।
शाही स्नान रविवार रात दो बजकर 23 मिनट से शुरू होगा- शाही स्नान रविवार रात के तीसरे पहर दो बजकर 23 मिनट से शुरू होकर सोमवार रात तीसरे पहर दो बजकर 59 मिनट तक चलेगा। एसडीएम भरमौर जितेंद्र कंवर ने बताया कि बड़े स्नान की तारीख को लेकर सभी उत्साहित हैं। शाही स्नान के समय मणिमहेश डल झील पर यात्रियों की भीड़ को काबू करने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
डल पर भीड़ जमा न होने देने के निर्देश
पवित्र मणिमहेश यात्रा 2015 को लेकर प्रशासन ने मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश की चेतावनी को मद्देनजर रखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने बुधवार तक बारिश होने की चेतावनी दी है। इस स्थिति में अगर मणिमहेश में मौसम खराब होता है तो यात्रियों को किसी भी कीमत पर डल झील और गौरीकुंड के बीच में रुकने नहीं दिया जाएगा।
दूसरी ओर प्रशासन ने इस बार डल झील में काली माता डल में भी बैरिकेट्स लगाने का निर्णय लिया है, ताकि कोई भी यात्री या गूर मणिमहेश डल झील से होते हुए काली कुंड तक न पहुंच सके। जबकि किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ के साथ-साथ गोताखोरों की टीम भी स्नान के दौरान मणिमहेश झील के समीप मौजूद रहेगी।
ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी
एसडीएम भरमौर जितेंद्र कंवर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था प्रशासन का पहला उद्देश्य है। बारिश शुरू होती है तो यात्रियों को डल झील पर जमा नहीं होने दिया जाएगा। सेक्टर अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और गोताखोर तैनात किए गए हैं।
रामपुर/सांगला/मनाली (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में शनिवार को पूरा दिन मौसम खराब होने से जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश का क्रम जारी रहा।
किन्नौर में किन्नर कैलाश जौरखंडन, नाको के रियोपुरगिल, छितकुल की थौला, भावावैली, निचार, पानवी, रूपी, तरांडा, सांगला कंडा, सिगन, पानपो आदि पहाड़ियों पर हिमपात हुआ। पूह, चैल और बगाना में भी हिमपात हुआ। उधर, शनिवार को मनाली की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ है।