AIIMS Bilaspur: ट्रॉमा आईसीयू, आपातकालीन ब्लॉक और हेलीपैड बनेंगे, 350 करोड़ होंगे खर्च
नए ट्राॅमा आईसीयू और आपातकालीन ब्लॉक में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। उपकरणों का स्केल भी बढ़ाया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एम्स बिलासपुर में ट्राॅमा आईसीयू और आपातकालीन ब्लॉक का निर्माण जल्दी शुरू होगा। इसके लिए 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नया ब्लॉक अत्याधुनिक उपकरणों और सुविधाओं से लैस होगा। इसमें 300 बिस्तरों की क्षमता होगी। यह ब्लॉक पूरी तरह से ट्राॅमा और आपातकालीन मामलों के इलाज के लिए रहेगा। नए ट्राॅमा आईसीयू और आपातकालीन ब्लॉक में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। उपकरणों का स्केल भी बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा हेलीपैड की सुविधा भी होगी।
आपातकालीन मरीजों को किया जा सकेगा एयरलिफ्ट
ताकि, ट्रॉमा और आपातकालीन मरीजों को एयरलिफ्ट कर त्वरित इलाज मुहैया करवाया जा सकेगा। इस हेलीपैड से न केवल बिलासपुर बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी आपातकालीन मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। वर्तमान में एम्स बिलासपुर के आपातकालीन विभाग में सिर्फ 55 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है। हर दिन प्रदेशभर के जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों से 70 से अधिक मरीज एम्स के लिए रेफर हो रहे हैं।
मरीजों को मिलेगा त्वरित इलाज
मरीजों का अस्पताल पर दबाव बढ़ता जा रहा है। कई बार मरीजों को समय पर इलाज मिलने में दिक्कत हो रही है। नए ट्राॅमा आईसीयू ब्लॉक के निर्माण से यह समस्या हल हो जाएगी। इससे मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज मिल सकेगा। नए ट्राॅमा आईसीयू और आपातकालीन ब्लॉक के निर्माण से मरीजों को न केवल अधिक बिस्तर और बेहतर उपचार मिलेगा, बल्कि चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। इसके साथ ही हेलीपैड की मौजूदगी से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों का त्वरित उपचार किया जा सकेगा।
एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र बनेगा
एम्स बिलासपुर की यह परियोजना स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई दिशा निर्धारित करेगी। नए ट्राॅमा आईसीयू और आपातकालीन ब्लॉक का निर्माण होने से अस्पताल की क्षमता में वृद्धि होगी और स्वास्थ्य देखभाल के मानकों को उच्चतम स्तर तक पहुंचाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित होगा। एम्स बिलासपुर प्रदेश के अन्य अस्पतालों के मुकाबले अपने उपचार की गुणवत्ता और त्वरित प्रतिक्रिया के कारण एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र बन जाएगा।