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Shimla News: एनएचएआई कार्यालय के बाहर फोरलेन प्रभावितों का प्रदर्शन, बेघर लोगों का छलका दर्द

Wed, 16 Jul 2025 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 11:55 PM IST
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agitation of fourlane effected
प्रदेश किसान सभा और सीटू के बैनर तले फोरलेन निर्माण के लिए अवैज्ञानिक तरीके से हुई कटिंग पर जताया रोष
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भट्ठाकुफर और लिंडीधार के प्रभावित अधिकारियों से मिले, घरों को सुरक्षित करने के लिए उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कैथलीघाट से ढली तक निर्माणाधीन फोरलेन के निर्माण से प्रभावित परिवारों ने किसान सभा और सीटू के बैनर तले चक्कर में एनएचएआई के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान भट्ठाकुफर और लिंडीधार में फोरलेन निर्माण से खतरे में आए घरों में रहने वाले लोगों ने एनएचएआई के अधिकारियों से मिलकर उनके घरों को सुरक्षित करने के लिए उचित कदम उठाने और रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान फोरलेन निर्माण से बेघर हुए परिवारों का दर्द भी छलका। उन्होंने सरकार और प्राधिकरण से उनके घरों को हुए नुकसान का जल्द मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद हिमाचल किसान सभा और सीटू का प्रतिनिधिमंडल एनएचएआई क्षेत्रीय निदेशक से मिला और प्रभावितों को तुरंत फौरी राहत और मुआवजा देने के साथ ही अन्य मांगों के समाधान की मांग उठाई। साथ ही एनएचएआई से गावर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए डॉ. कुलदीप सिंह तंवर, विजेंद्र मेहरा, संजय चौहान और जयशिव ठाकुर ने कहा कि अगर किसानों, मजदूरों और आम जनता की मांगों का तुरंत समाधान न हुआ तो एनएचएआई और गावर कंपनी के खिलाफ जनता व प्रभावितों को लामबंद करते हुए सात अगस्त को विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नियमों को ताक पर रखकर कार्य कर रहे हैं। इससे कई घरों, जमीनों, गोशालाओं, स्कूलों और जनसंसाधनों को भारी नुकसान पहुंचा है। मंडी जिला के धर्मपुर में सड़क निर्माण के दौरान भयंकर तबाही हुई है। इस कारण निर्माणाधीन पुल गिर गया है और स्कूल गिरने के कगार पर है। कंपनी की अवैज्ञानिक कटिंग, माइनिंग और डंपिंग से शिमला में भी भारी नुकसान हुआ है। भट्ठाकुफर की माठु कॉलोनी में कुछ दिन पहले ही बहुमंजिला घर जमींदोज हो गया था। फोरलेन निर्माण के कारण यहां करीब दस घरों पर खतरा मंडरा रहा है। इस वजह से यहां रहने वाले लोगों को मकान छोड़कर किराये के कमरों में रहना पड़ रहा है। सीटू व हिमाचल किसान सभा ने मांग की है कि गावर कंपनी के फोरलेन निर्माण के कारण ध्वस्त हुए मकान व जद में आए अन्य मकानों, जमीन को हुए नुकसान, संपर्क मार्ग व स्थानीय रास्तों का एनएचएआई की ओर से उचित मुआवजा दिया जाए। अवैज्ञानिक तरीके से हो रहे सड़क निर्माण के कारण अधिगृहित जमीन के अलावा गिर रही आसपास की जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए। सड़क निर्माण से उत्पन्न हो रही धूल मिट्टी का प्रभावितों को डस्ट अलाउंस दिया जाए। प्रदर्शन में हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर, सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, संयुक्त किसान मोर्चा के सह संयोजक संजय चौहान, जय शिव ठाकुर, फोरलेन प्रभावित रंजना वर्मा, रीना रपटा, सपना चौहान, एलआर कौंडल, चंद्रकला, बृज लाल झांगटा, अजय कश्यप, हेतराम ठाकुर, रूप राम, सुशील कुमार, चेतन गर्ग, ध्रुव चौहान, पूर्व प्रधान कोट पंचायत हीरानंद शांडिल, शोधी पंचायत प्रधान पार्वती देवी सहित अन्य मौजूद रहे।

कोट्स
एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक आनंद कुमार दहिया ने कहा कि प्रभावित परिवार कार्यालय में मिलने के लिए आए थे, उनकी समस्याओं को सुना गया है। प्राधिकरण जल्द प्रभावितों को किराये पर मकान उपलब्ध करवाएगा और उनके घरों को सुरक्षित बनाने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
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