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Shimla News: शांति विहार में खतरे की जद में दर्जनों मकान, सड़क पर उतरे लोग, बोले-हमारे घर बचा लो

Sun, 27 Sep 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 11:55 PM IST
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agitation by peoples
फोरलेन टनल का काम बंद होने के बाद भी दहशत में लोग, संजौली बाजार में निकाली रैली
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पार्षदों की अगुवाई में संजौली चौक पर प्रदर्शन, बोले-डंगे लगाने वालों से टनल बनवा रहा एनएचएआई, खतरे में रिहायशी इलाके
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के शांति विहार और भट्ठाकुफर क्षेत्र में फोरलेन टनल निर्माण से खतरे की जद में आए मकानों को बचाने के लिए लोग अब सड़क पर उतर आए हैं। रविवार शाम 5:00 बजे शांति विहार, भट्ठाकुफर और संजौली क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने संजौली बाजार में रैली निकाली और विरोध जताया।
हालांकि, यह रैली और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हुआ लेकिन मांगें पूरी किए बिना टनल का काम दोबारा शुरू करने पर लोगों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। ढली टनल से संजौली चौक तक रैली निकालने के बाद प्रभावित भवन मालिकों और स्थानीय पार्षदों ने लोगों को संबोधित किया। कहा कि विकास के नाम पर विनाश किया जा रहा है। टनल के ठीक ऊपर तीन सौ से ज्यादा बहुमंजिला मकान बने हैं। टनल का काम शुरू होते ही अभी आठ से दस मकानों में दरारें आई हैं। यदि निर्माण आगे बढ़ा तो सैकड़ों मकानों को खतरा पैदा हो सकता है। नुकसान के बाद प्रभावितों को एनएचएआई मुआवजा तक नहीं देता। भट्ठाकुफर में जो मकान ढहा था, उसे आज तक मुआवजा नहीं मिला। आरोप लगाया कि एनएचएआई के अधिकारी मौके पर तो आते हैं लेकिन आंखें मूंदकर वापस चले जाते हैं। इन्हें क्षेत्र में हो रहा नुकसान दिखाई नहीं देता।
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शांति विहार वार्ड में प्रभावित भवन मालिक गोविंद चतरांटा, अंशुल कुमार, राजेंद्र चौहान ने कहा कि फोरलेन टनल के निर्माण से क्षेत्र में दर्जनों मकान खतरे की जद में हैं। कई मकानों में दरारें आ चुकी हैं। लोगों के विरोध के बाद टनल निर्माण का काम बंद तो किया गया है लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं। कहा कि मौके पर तब तक निर्माण कार्य बंद रखा जाएगा, जब तक लोगों को उनके मकान सुरक्षित होने की गारंटी नहीं मिल जाती। कहा कि इस बारे में ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह के साथ बैठक हो चुकी है। अब मुख्यमंत्री से जल्द बैठक की जाएगी।
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पहले हमारी शंकाओं को दूर करो : विनीत
शांति विहार वार्ड के पार्षद विनीत शर्मा ने कहा कि फोरलेन टनल निर्माण के चलते उनके वार्ड में कई मकानों में दरारें आ चुकी हैं। लोग सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना चाहते हैं। लोग इस मामले में त्वरित समाधान चाहते हैं। क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। इस बारे में ग्रामीण विकास मंत्री के साथ बैठक भी की है। कहा कि टनल निर्माण के दायरे में तीन सौ से ज्यादा मकान आ रहे हैं। लोग अपनी शंकाओं का समाधान चाहते हैं जिसके बाद ही टनल निर्माण हो पाएगा।

डंगे बनाने वाले कर रहे टनल निर्माण : नरेंद्र
भट्ठाकुफर वार्ड से पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि टनल के काम के चलते ही मकानों में दरारें आ रही हैं। रिहायशी क्षेत्र के ठीक नीचे करीब 20 मीटर चौड़ी टनल बन रही है। इसके ऊपर सैकड़ों मकान हैं। लापरवाही से टनल निर्माण किया जा रहा है। कहा कि जो ठेकेदार डंगे लगाते हैं, उन्हें अब टनल निर्माण का काम दिया गया है। यदि ऐसे ही काम हुआ तो लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रशासन को इसकी निगरानी करनी चाहिए। निगरानी कमेटी में स्थानीय लोग भी शामिल होने चाहिए। इस फोरलेन का सर्वे बदला गया है जिससे अब नुकसान हो रहा है।


अहम इनसेट
अभी टनल निर्माण बंद, चल रही मकानों की मरम्मत
आठ से ज्यादा मकानों में दरारें आने के बाद जिला प्रशासन ने फोरलेन टनल का निर्माण बंद करवा रखा है। एनएचएआई को मकानों में आई दरारें भरने, जमीन को मजबूती देने जैसे काम करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ठेकेदार कंपनी ने इस क्षेत्र में यह काम शुरू भी कर दिया है। ज्यादातर घरों में आई दरारों को भरा जा चुका है। क्षेत्र में जमीन और मकानों की वीडियोग्राफी की गई है। इन पर रोजाना निगरानी भी रखी जा रही है।
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