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Shimla News: प्रधानमंत्री आवास के समीप कांग्रेस के प्रदर्शन के खिलाफ बिफरी भाजपा, जमकर की नारेबाजी
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उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, कहा-हिंसक आंदोलन में बदल गया है दिल्ली का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के निकट कांग्रेस नेताओं के विरोध प्रदर्शन के विरोध में था। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर वर्मा ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन को लोकतांत्रिक मर्यादाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास देश के सबसे संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्रों में है। बिना अनुमति वहां प्रदर्शन करना गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। कांग्रेस ने कानून और सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़े हैं। वर्मा ने कहा कि दिल्ली में जिस आंदोलन को कांग्रेस ने समर्थन दिया वह हिंसक घटनाओं में बदल गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि जबकि 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और 15 से 20 सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने इसे अराजकता का उदाहरण बताया न कि लोकतांत्रिक आंदोलन। बलबीर वर्मा ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी मामला राजनीति से ऊपर है। धरने में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर वर्मा, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, राजीव सहजल, प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कुमार, रश्मिधर सूद, सचिव संजय ठाकुर, कुसुम सदरेट आदि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री का राजभवन के बाहर धरना देना मर्यादा के विपरीत : बलबीर
बलबीर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का राजभवन के बाहर धरना प्रदेश की गरिमा और मुख्यमंत्री पद की मर्यादा के विपरीत है। मुख्यमंत्री को जनता ने शासन चलाने के लिए चुना है, धरना देने के लिए नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार हिमाचल के मुद्दों को छोड़कर गांधी परिवार को खुश करने में लगी है। मुख्यमंत्री को प्रदेश की 75 लाख जनता के प्रति अपने दायित्व को समझना चाहिए। वर्मा ने कहा कि कांग्रेस स्वयं को संविधान का रक्षक बताती है, पर नियमों को तोड़ने में सबसे आगे रहती है। कांग्रेस नेतृत्व ने दिल्ली में माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों का समर्थन किया। छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए हिंसा से नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के आर्थिक संकट, बेरोजगारी और विकास कार्यों में विफल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर राजनीतिक नौटंकी करने का आरोप लगाया।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के निकट कांग्रेस नेताओं के विरोध प्रदर्शन के विरोध में था। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर वर्मा ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन को लोकतांत्रिक मर्यादाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास देश के सबसे संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्रों में है। बिना अनुमति वहां प्रदर्शन करना गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। कांग्रेस ने कानून और सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़े हैं। वर्मा ने कहा कि दिल्ली में जिस आंदोलन को कांग्रेस ने समर्थन दिया वह हिंसक घटनाओं में बदल गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि जबकि 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और 15 से 20 सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने इसे अराजकता का उदाहरण बताया न कि लोकतांत्रिक आंदोलन। बलबीर वर्मा ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी मामला राजनीति से ऊपर है। धरने में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर वर्मा, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, राजीव सहजल, प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कुमार, रश्मिधर सूद, सचिव संजय ठाकुर, कुसुम सदरेट आदि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री का राजभवन के बाहर धरना देना मर्यादा के विपरीत : बलबीर
बलबीर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का राजभवन के बाहर धरना प्रदेश की गरिमा और मुख्यमंत्री पद की मर्यादा के विपरीत है। मुख्यमंत्री को जनता ने शासन चलाने के लिए चुना है, धरना देने के लिए नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार हिमाचल के मुद्दों को छोड़कर गांधी परिवार को खुश करने में लगी है। मुख्यमंत्री को प्रदेश की 75 लाख जनता के प्रति अपने दायित्व को समझना चाहिए। वर्मा ने कहा कि कांग्रेस स्वयं को संविधान का रक्षक बताती है, पर नियमों को तोड़ने में सबसे आगे रहती है। कांग्रेस नेतृत्व ने दिल्ली में माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों का समर्थन किया। छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए हिंसा से नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के आर्थिक संकट, बेरोजगारी और विकास कार्यों में विफल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर राजनीतिक नौटंकी करने का आरोप लगाया।
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