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शांता और मंत्री पद के बीच अब ये बनेगी दीवार?

Thu, 22 May 2014 07:56 AM IST
Updated Thu, 22 May 2014 07:56 AM IST
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Age can shatter Shanta dreams of becoming minister in Modi govt

हिमाचल के कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद शांता कुमार के कैबिनेट मंत्री बनने में उनकी उम्र आड़े आ सकती है। उनकी उम्र तकरीबन 80 हो चुकी है। ऐसे में उनकी मोदी सरकार में मंत्री पद हासिल करने की उम्मीदों को झटका लग सकता है।

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वहीं, केंद्र की मोदी सरकार में 75 से कम उम्र के सांसदों को ही कैबिनेट मंत्री बनाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, अभी यह सब पुख्ता नहीं है लेकिन यदि पार्टी ऐसा फैसला लेती है तो हिमाचल से सिर्फ अनुराग ही मंत्री पद के दावेदार बच जाएंगे। लेकिन अभी सरकार में उन्हें कोई पद मिलना मुश्किल लग रहा है।
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शांता माने जा रहे थे प्रबल दावेदार

Age can shatter Shanta dreams of becoming minister in Modi govt

लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद तक केंद्र में बनने वाली भाजपा सरकार में सूबे के कोटे से शांता कुमार के कैबिनेट मंत्री बनने की प्रबल दावेदारी मानी जा रही थी। वह कांगड़ा सीट से एक लाख 70 हजार वोटों से जीते थे।

शांता कुमार प्रदेश के काफी अनुभवी नेता है। वह सूबे में बतौर मुख्यमंत्री और केंद्र के अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। मोदी के नेतृत्व में एक बार भी कांगड़ा संसदीय सीट से भारी बहुमत से जीतकर संसद में पहुंचे है। हिमाचल प्रदेश के कोटे से उन्हें कैबिनेट मंत्री बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही थी।

मगर इस बीच खबरें आ रही है कि मोदी सरकार में 75 से अधिक उम्र के सांसदों को कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया जाएगा। ऐसे में शांता कुमार मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने से वंचित रह सकते हैं। क्योंकि, उनकी उम्र लगभग 80 साल हो चुकी है।

गुजरात दंगों के लिए मोदी पर की थी टिप्‍पणी

Age can shatter Shanta dreams of becoming minister in Modi govt

वैसे भी गुजरात दंगे के दौरान शांता कुमार ने नरेंद्र मोदी पर तीखी टिप्पणी की थी, जिसको लेकर बखेड़ा खड़ा हुआ था। इसके बाद दोनों दिग्‍गजों के बीच संबंध तो सामान्य रहे लेकिन कहीं न कहीं पिछली टीस का असर शांता पर भारी न पड़ जाए।

हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान पालमपुर में रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था कि शांता कुमार पार्टी के वरिष्ठ नेता है और उनसे उन्होंने काफी कुछ सीख चुके हैं। यानी दोनों ही नेताओं के संबंधों में कई बार उतार चढ़ाव हो चुका है।


उधर, सांसद शांता कुमार का कहना है कि भाजपा अगर युवाओं को आगे लाना चाहती है तो मुझे इस पर कोई एतराज नहीं है। देश में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बन गई। यहीं मेरे के लिए सबसे खुशी की बात है। पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरा करने के लिए तैयार हूं। मुझे किसी स्तर पर कोई नाराजगी नहीं है और न ही कभी होगी।

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