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HP High Court: कर्मचारी चयन आयोग के रद्द होने पर सरकार पूरी करे भर्ती प्रक्रिया, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
Thu, 02 Mar 2023 11:29 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 02 Mar 2023 11:29 AM IST
सार
न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के भंग होने पर सरकार को भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि आयोग के भंग होने के बाद अदालत के निर्णय को लागू करने की जिम्मेदारी सरकार की है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अदालती आदेशों की अनुपालाना न करने पर हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के भंग होने पर सरकार को भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि आयोग के भंग होने के बाद अदालत के निर्णय को लागू करने की जिम्मेदारी सरकार की है। अदालत ने अपने आदेशों को लागू करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया है।
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अदालत ने स्पष्ट किया कि अनुपालना न करने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। मामले के अनुसार वर्ष 2016 में आयोग ने पंप ऑपरेटर के पदों को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। वर्ष 2021 में इस प्रक्रिया को पूरा कर अभ्यर्थियों को नौकरी दी गई। याचिकाकर्ता विशाल नड्डा और दो अन्य के आवेदनों को आयोग ने गलत तरीके से खारिज कर दिया था।
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प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने याचिकाकर्ताओं को नौकरी देने के आदेश दिए थे। अनुपालना याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने 12 जरवरी 2023 को आदेश दिए थे कि भर्ती प्रक्रिया को 20 जनवरी तक पूरा किया जाए। 2 जनवरी 2023 को अदालत के ध्यान में लाया गया कि आयोग के खिलाफ फौजदारी मुकदमा दर्ज होने के कारण नौकरी की सिफारिश नहीं की जा सकी।
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अदालत को बताया गया कि सरकार की 26 दिसंबर 2022 की अधिसूचना से आयोग के सभी कार्यों को निलंबित कर दिया गया था। बाद में आयोग को रद्द कर दिया गया। इस संदर्भ में अदालत ने स्पष्ट किया कि आयोग के भंग होने के बाद अदालत के निर्णय को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।