मैगी ही नहीं, अब चिप्स कुरकुरे की भी होगी जांच
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हिमाचल में मैगी और अन्य नूडल्स ही नहीं, अब सभी कंपनियों के चिप्स, कुरकुरे जैसे बच्चों से जुड़े तमाम खाद्य पदार्थों की जांच होगी। प्रदेश सरकार ने इनके सैंपल लेकर रिपोर्ट देने के आदेश जारी किए हैं। यदि इनमें भी कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो इनपर भी सरकार पाबंदी लगा सकती है।
सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय को इनकी जांच का जिम्मा सौंपा है। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश भर में मैगी के नौ तरह के नूडल्स पर सैंपल रिपोर्ट आने तक रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय के अधिकारियों और सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तमाम तरह के नूडल्स के नमूने लेकर इन्हें लैब में भेजें।
इसलिए लिया गया फैसला
इसके लिए फील्ड में स्टाफ को मोबेलाइज करें। नूडल्स के अलावा सरकार मार्केट में बिकने वाली तमाम पैक्ड और अन्य खाद्य वस्तुओं की जांच करवाएगी। अगर किसी उत्पाद में जांच के बाद कोई खोट पाया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों के खतरे को भांपते हुए कदम उठाया है।
सरकार प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है। खासकर बच्चों की सेहत से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय के निदेशक रामेश्वर शर्मा ने अधीनस्थ अफसरों को निर्देश जारी करने की पुष्टि की है।