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Shimla News: तस्करों की कमर तोड़ने को प्रशासन तैयार, संपत्ति पर होगा तगड़ा प्रहार
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जिला स्तरीय एन-कॉर्ड समिति की बैठक डीसी ने दिए नशा तस्करों की संपत्ति के आकलन के आदेश, दस दिन में पूरी होगी कार्रवाई
तस्करों की 1.83 करोड़ की संपत्ति हो चुकी है फ्रीज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला शिमला में नशा तस्करी का नेटवर्क तोड़ने के लिए पुलिस और प्रशासन अब चौतरफा कार्रवाई करेंगे। पुलिस नशा तस्करों को सलाखों के पीछे डालने का काम कर रही है। वहीं पुलिस और प्रशासन मिलकर नशे से अर्जित तस्करों की संपत्तियों को जब्त करने की ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे हैं।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने मंगलवार को जिला स्तरीय एन-कॉर्ड समिति की बैठक में तस्करों की नशे से अर्जित संपत्तियों की दस दिनों के भीतर निशानदेही पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्य एसडीएम और राजस्व अधिकारी करेंगे। छह माह के भीतर तस्करों की 1.83 करोड़ की संपत्ति पुलिस फ्रीज कर चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की सूची आज ही सभी एसडीएम के साथ साझा कर ली जाएगी जिनकी संपत्ति की निशानदेही होनी है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की कमर तोड़ने में यह कार्रवाई बेहद कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संपत्ति की जांच पूरी पारदर्शिता और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ पूरे जिले में आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। सभी अधिकारी अपने क्षेत्र में हो रहे अच्छे कामों की रिपोर्ट तैयार कर उसकी रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पर जोर दें। नशा मुक्त समाज बनाने के लिए विस्तृत कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जिले में नशे को रोकने के लिए अच्छा कार्य हो रहा है लेकिन उसकी सही रिपोर्टिंग नहीं हो रही। इससे जिले की नशे के विरुद्ध कार्रवाई धीमी नजर आती है।
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एन-कॉर्ड की बैठक में उपायुक्त ने सभी एसडीएम को ग्रामीण स्तर पर नियमित बैठक आयोजित करवाने और बैठकों में नंबरदारों, प्रधानों और उपप्रधानों सहित अन्य नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की संपत्तियों की वित्तीय जांच को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। ऐसे अपराधियों की संपत्तियों को गिराया जाएगा तो यह नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की कमर तोड़ने में बेहद कारगर सिद्ध होगी। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में नशे के विरुद्ध हो रहा बेहतरीन कार्य
बैठक में बताया गया कि चौपाल उपमंडल में अफीम की खेती के तीन मामले पकड़े गए हैं जिन पर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इसी तरह रोहड़ू उपमंडल में भी अफीम के लगभग 3500 पौधे नष्ट किए हैं। ड्रोन की सहायता से क्षेत्र का एरियल सर्वे करवाकर यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। रामपुर के तकलेच, सुंगरी और ननखड़ी में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
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तस्करों की 1.83 करोड़ की संपत्ति हो चुकी है फ्रीज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला शिमला में नशा तस्करी का नेटवर्क तोड़ने के लिए पुलिस और प्रशासन अब चौतरफा कार्रवाई करेंगे। पुलिस नशा तस्करों को सलाखों के पीछे डालने का काम कर रही है। वहीं पुलिस और प्रशासन मिलकर नशे से अर्जित तस्करों की संपत्तियों को जब्त करने की ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे हैं।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने मंगलवार को जिला स्तरीय एन-कॉर्ड समिति की बैठक में तस्करों की नशे से अर्जित संपत्तियों की दस दिनों के भीतर निशानदेही पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्य एसडीएम और राजस्व अधिकारी करेंगे। छह माह के भीतर तस्करों की 1.83 करोड़ की संपत्ति पुलिस फ्रीज कर चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की सूची आज ही सभी एसडीएम के साथ साझा कर ली जाएगी जिनकी संपत्ति की निशानदेही होनी है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की कमर तोड़ने में यह कार्रवाई बेहद कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संपत्ति की जांच पूरी पारदर्शिता और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ पूरे जिले में आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। सभी अधिकारी अपने क्षेत्र में हो रहे अच्छे कामों की रिपोर्ट तैयार कर उसकी रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें।
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उपायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पर जोर दें। नशा मुक्त समाज बनाने के लिए विस्तृत कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जिले में नशे को रोकने के लिए अच्छा कार्य हो रहा है लेकिन उसकी सही रिपोर्टिंग नहीं हो रही। इससे जिले की नशे के विरुद्ध कार्रवाई धीमी नजर आती है।
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एन-कॉर्ड की बैठक में उपायुक्त ने सभी एसडीएम को ग्रामीण स्तर पर नियमित बैठक आयोजित करवाने और बैठकों में नंबरदारों, प्रधानों और उपप्रधानों सहित अन्य नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की संपत्तियों की वित्तीय जांच को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। ऐसे अपराधियों की संपत्तियों को गिराया जाएगा तो यह नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की कमर तोड़ने में बेहद कारगर सिद्ध होगी। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में नशे के विरुद्ध हो रहा बेहतरीन कार्य
बैठक में बताया गया कि चौपाल उपमंडल में अफीम की खेती के तीन मामले पकड़े गए हैं जिन पर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इसी तरह रोहड़ू उपमंडल में भी अफीम के लगभग 3500 पौधे नष्ट किए हैं। ड्रोन की सहायता से क्षेत्र का एरियल सर्वे करवाकर यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। रामपुर के तकलेच, सुंगरी और ननखड़ी में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।