आदर्श ग्राम योजनाः विकास के नाम पर बने 5 शौचालय, 3 हैंडपंप
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सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए गए देहरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रॉककट टेंपल के नाम से मशहूर मसरूर गांव में एक वर्ष से धरातल पर कोई भी विकास कार्य नहीं हो पाया है। राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर की ओर से गोद लिए गए मसरूर गांव में आदर्श गांव योजना के तहत सांसद निधि से एक पाई खर्च नहीं हो पाई है।
गांव में पंचायत ने पांच शौचालय और तीन हैंडपंप जरूर लगाए लेकिन यह रूटीन का काम है। मसरूर गांव के ग्रामीणों सेवानिवृत्त प्रिंसिपल केके कौंडल, मास्टर सरण दास, कुलदीप राज, कैप्टन बंसी लाल, आशा देवी, जमाल सिंह, बंसी लाल ने बताया कि एक वर्ष में सभी विभागों के अधिकारी इस गांव में आते रहे लेकिन विकास के काम सिर्फ फाइलों तक ही सीमित रह गए। गांव में अभी तक पक्की नालियां तक नहीं बन पाई हैं।
सांसद ले लगाया ये आरोप
उधर, राज्यसभा सांसद विपल्व ठाकुर का कहना है कि अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं। गांव को पर्यटन के लिहाज से विकसित करना मकसद है चूंकि यहां विश्व विख्यात रॉककट टेंपल है। पीएचसी की चहारदीवारी के लिए सीएमओ को एस्टिमेट बनाने के लिए कहा है।
योजनाओं पर अमल लाने में अधिकतर अधिकारी सुस्ती बरत रहे हैं। हालांकि, पंचायत के लोगों की मांग पर गांव के विकास के लिए सांसद निधि से कई विकास कार्यों के लिए राशि जारी की गई है। समस्या यह भी है कि मोदी सरकार ने आदर्श गांव योजना तो चला दी लेकिन एक पाई तक नहीं जारी की।
पंचायत प्रधान प्रेम लता का कहना है कि गांव में तमाम विभागों के अधिकारी ग्रामीणों के साथ सभाएं कर विकास कार्यों का जायजा ले चुके हैं लेकिन आदर्श गांव के तहत कोई भी कार्य प्रगति में नहीं है। लेकिन, अब जल्द ही विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।