मंत्रिमंडल के फैसलों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब, दिलचस्पी न दिखाने पर सख्ती की तैयारी
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जयराम सरकार ने दस महीने के कार्यकाल के दौरान मंत्रिमंडल की दो दर्जन से ज्यादा बैठकें कर जनता के हित में कई फैसले लिए। लेकिन शासन में बैठे अधिकारी मंत्रिमंडल के फैसलों को जमीन पर उतारने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। नतीजतन बड़ी संख्या में ऐसी योजनाएं और घोषणाएं हैं जो मंत्रिमंडल से मंजूर होने के बाद भी लागू नहीं हो सकीं।
अफसरों की इसी मनमानी पर नकेल कसने के लिए मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने मंत्रिमंडल के निर्णयों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब कर ली है। 27 दिसंबर 2017 से 30 सितंबर 2018 के बीच जयराम मंत्रिमंडल की दो दर्जन से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं। बैठकों में कई ऐसे निर्णय लिए गए जिन्हें लागू करने में अब तक विभाग गंभीर नहीं हो सके।
इसी को देखते हुए मुख्य सचिव की ओर से सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों व सचिवों को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि वे तय अवधि के बीच हुई मंत्रिमंडल की बैठकों में हुए निर्णयों पर की गई कार्यवाही से अवगत कराएं। इसमें घोषणा व निर्णय को लागू करने से संबंधित नोटिफिकेशन, गाइड लाइन व आदेशों की प्रति भी लगाने को कहा गया है।
साथ ही उन घोषणाओं व निर्णयों की अलग से सूची देने को कहा है जिनको अभी तक लागू नहीं किया जा सका है। साथ ही लागू न करने के कारण भी बताने को कहा है। इसके लिए मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से बाकायदा निर्धारित प्रोफार्मा भी जारी किया गया है जिसमें अधिकारियों को जानकारी उपलब्ध करानी है।
मुख्य सचिव के इस आदेश के बाद शासन में बैठे आला अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ विभागीय अधिकारियों से जानकारी मांगी है। सूत्रों का कहना है कि इस जानकारी के आने के बाद मंत्रिमंडल की अगली बैठक में विभाग वार इस पर चर्चा हो सकती है।