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शहरी गरीबों को रोजगार की गारंटी देने के लिए हिमाचल में बनेगा एक्ट
Tue, 22 Jun 2021 11:00 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 22 Jun 2021 11:00 AM IST
सार
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि इस योजना के तहत बीते अप्रैल से अब तक 1300 लोगों का पंजीकरण किया गया है। 50 फीसदी से अधिक पंजीकरण 7 मई के बाद लॉकडाउन के दौरान किए गए हैं।
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शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना को अब मनरेगा की तर्ज पर चलाया जाएगा। इसके लिए एक्ट बनाने की तैयारी है। जॉब कार्ड जारी होने के 15 दिनों के भीतर शहरी स्थानीय निकायों के निवासियों को 120 दिन के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की गई है। अगर काम न मिला तो 75 रुपये प्रतिदिन बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि इस योजना के तहत बीते अप्रैल से अब तक 1300 लोगों का पंजीकरण किया गया है।
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50 फीसदी से अधिक पंजीकरण 7 मई के बाद लॉकडाउन के दौरान किए गए हैं। वर्तमान में लॉकडाउन के दौरान इस योजना के तहत 500 से अधिक लोग काम कर रहे हैं जबकि 800 से अधिक लोगों को जॉब कार्ड दिए गए हैं। इस वर्ष मार्च तक 5000 लोगों को पंजीकृत किया है, जिनमें से 4800 को जॉब कार्ड दिए हैं जबकि 4500 लोगों को रोजगार दिया गया है। इस वित्त वर्ष के लिए बजट में इसके लिए चार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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