{"_id":"6569ec804e62a943c10d24d7","slug":"achievement-kanchan-devi-of-chamba-becomes-director-general-of-icfre-dehradun-2023-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपलब्धि: चंबा की कंचन देवी बनीं आईसीएफआरई देहरादून की महानिदेशक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपलब्धि: चंबा की कंचन देवी बनीं आईसीएफआरई देहरादून की महानिदेशक
Fri, 01 Dec 2023 07:55 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 01 Dec 2023 07:55 PM IST
सार
कंचन देवी इस प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त पहली महिला भारतीय वन सेवा अधिकारी हैं। कंचन कुमारी जिला चंबा के धड़ाेग मोहल्ले की रहने वाली हैं।
विज्ञापन
कंचन देवी बनीं आईसीएफआरई देहरादून की महानिदेशक
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश कैडर की 1991 बैच की भारतीय वन सेवा अधिकारी कंचन देवी को भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) देहरादून का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। यह परिषद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के तहत एक अग्रणी परिषद है।
विज्ञापन
कंचन देवी इस प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त पहली महिला भारतीय वन सेवा अधिकारी हैं। कंचन कुमारी जिला चंबा के धड़ाेग मोहल्ले की रहने वाली हैं। इस उपलब्धि पर जिला चंबा में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्हें मध्य प्रदेश राज्य सरकार और भारत सरकार में वन प्रबंधन, वन प्रशासन, शिक्षा, मानव संसाधन विकास और अनुसंधान एवं विस्तार सहित वानिकी के विभिन्न क्षेत्रों में 30 वर्षों से अधिक कार्य करने का अनुभव है।
विज्ञापन
उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) देहरादून में संकाय सदस्य के रूप में भी कार्य किया है। अपने सेवा कार्यकाल के दौरान उन्होंने मौजूदा वन नीतियों आदि को लागू करने, विश्लेषण करने और अद्यतन करने की सिफारिश करके ग्रामीण समुदायों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया है।
विज्ञापन
कंचन देवी पिछले चार वर्षों से आईसीएफआरई में उप महानिदेशक (शिक्षा) के पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने देश में वानिकी शिक्षा को बढ़ावा देने, वानिकी पाठ्यक्रमों को मान्यता देने, वन नीति अनुसंधान अध्ययन संचालित करने, मानव संसाधन विकास, आईसीएफआरई के वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों की भर्ती और पदोन्नति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने सतत भूमि प्रबंधन उत्कृष्टता केंद्र (सीओई-एसएलएम) की स्थापना और आईसीएफआरई में विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित पारितंत्र सेवा सुधार परियोजना (ईएसआईपी) के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कंचन को इसके लिए मोहल्ला निवासी दीपक कुमार, अविनाश पाल, धर्मेश रणोत्रा, डॉ मुकेश, मिंटू, हर्ष, अनूप राही, ऋषिकेश, डॉ करण, शैलेश हितैषी, जितेश्वर सूर्या, योगेश्वर अहीर आदि मौजूद रहे।