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Shimla News: चिट्टा व अफीम बरामदगी मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज
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स्पेशल जज भुवनेश अवस्थी की अदालत का फैसला
आरोपी से बरामद हुआ था 20.34 ग्राम चिट्टा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। स्पेशल जज भुवनेश अवस्थी की अदालत ने चिट्टे और अफीम के साथ पकड़े गए पंजाब निवासी आरोपी चरणजीत सिंह की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी दूसरे राज्य का रहने वाला है, ऐसे में उसके फरार होने और स्वतंत्र गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। मामले की गंभीरता और समाज पर इसके प्रभाव को देखते हुए अदालत ने आरोपी को राहत देने से इन्कार कर दिया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार 13 अगस्त 2026 को पुलिस थाना ठियोग की टीम ठियोग बाईपास रोड पर गश्त पर थी। इस दौरान गुप्त सूचना के आधार पर ठियोग कैफे के पास खड़ी एक कार की तलाशी ली गई। गाड़ी में बैठे तीनों व्यक्तियों की मौजूदगी में ली तलाशी के दौरान कार की डिग्गी की ट्रे से दो प्लास्टिक पैकेट बरामद हुए। इनमें से एक पैकेट में 20.34 ग्राम चिट्टा और दूसरे पैकेट में 134.55 ग्राम अफीम पाई गई। गाड़ी चला रहे चरणजीत सिंह सहित अन्य आरोपियों को मौके पर हिरासत में लेकर एनडीपीएस एक्ट की धारा 18, 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया था।जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने दलील दी कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और पुलिस ने उसे झूठा फंसाया है। इसके अलावा परिवार में वृद्ध दादी की देखभाल करने वाला कोई अन्य व्यक्ति नहीं है। वहीं सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी गंभीर अपराध में शामिल है और जमानत मिलने पर उसके फरार होने की पूरी संभावना है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।
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आरोपी से बरामद हुआ था 20.34 ग्राम चिट्टा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। स्पेशल जज भुवनेश अवस्थी की अदालत ने चिट्टे और अफीम के साथ पकड़े गए पंजाब निवासी आरोपी चरणजीत सिंह की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी दूसरे राज्य का रहने वाला है, ऐसे में उसके फरार होने और स्वतंत्र गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। मामले की गंभीरता और समाज पर इसके प्रभाव को देखते हुए अदालत ने आरोपी को राहत देने से इन्कार कर दिया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार 13 अगस्त 2026 को पुलिस थाना ठियोग की टीम ठियोग बाईपास रोड पर गश्त पर थी। इस दौरान गुप्त सूचना के आधार पर ठियोग कैफे के पास खड़ी एक कार की तलाशी ली गई। गाड़ी में बैठे तीनों व्यक्तियों की मौजूदगी में ली तलाशी के दौरान कार की डिग्गी की ट्रे से दो प्लास्टिक पैकेट बरामद हुए। इनमें से एक पैकेट में 20.34 ग्राम चिट्टा और दूसरे पैकेट में 134.55 ग्राम अफीम पाई गई। गाड़ी चला रहे चरणजीत सिंह सहित अन्य आरोपियों को मौके पर हिरासत में लेकर एनडीपीएस एक्ट की धारा 18, 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया था।जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने दलील दी कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और पुलिस ने उसे झूठा फंसाया है। इसके अलावा परिवार में वृद्ध दादी की देखभाल करने वाला कोई अन्य व्यक्ति नहीं है। वहीं सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी गंभीर अपराध में शामिल है और जमानत मिलने पर उसके फरार होने की पूरी संभावना है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।
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