धर्मशाला: तपोवन में तोड़फोड़ के आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर भेजे
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करीब साढ़े तीन माह बाद विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान तपोवन में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को कुचलने के आरोप में गिरफ्तार नौ आरोपियों को रिमांड खत्म होने पर पुलिस ने शनिवार को न्यायालय में पेश किया। इस दौरान न्यायालय ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर भेजा है। वहीं, देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रुमित ठाकुर को अर्की पुलिस अपने साथ सोलन ले गई है, क्योंकि उस पर वहां भी मामले चल रहे थे, जबकि अन्य आरोपियों को धर्मशाला में न्यायिक हिरासत में रखा गया है।
गौर रहे कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सवर्ण आयोग के गठन को लेकर तपोवन में हुए विवाद, हाथापाई, पथराव और गाड़ी से सरकारी कर्मचारियों को कुचलने के मामले में सवर्ण संगठन प्रदेशाध्यक्ष मदन ठाकुर, देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रुमित ठाकुर और दीपक को सोमवार को शिमला से गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने तोड़फोड़ ने छह अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर धर्मशाला लाया था। आरोपियों को न्यायालय से 26 मार्च तक का रिमांड मिला था। वहां आज रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उधर, सदर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि आठ आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि रुमित ठाकुर को सोलन पुलिस के सुपुर्द किया गया है, क्योंकि उसके खिलाफ वहां भी मामले चल रहे थे।