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Shimla News: ट्रैक पर ले जाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप, एफआईआर
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शिकायतकर्ता का आरोप, शिमला में बुकिंग के बावजूद वाहन में नहीं मिलीं सीटें, पैसे भी वापस नहीं किए
ट्रैवल कंपनी के खिलाफ पुलिस ने शुरू की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। किन्नौर जिले में स्थित युल्ला कंडा ट्रैक पर ले जाने के लिए बुकिंग करने के बावजूद परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं करवाने और 29,925 रुपये वापस नहीं करने के आरोप में नोएडा की एक ट्रैवल कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
ऊना निवासी सुरेश कपूर की शिकायत पर शिमला सदर थाना पुलिस ने नोएडा की निजी ट्रैवल कंपनी के मालिकों, प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस को दी शिकायत में सुरेश कपूर ने बताया कि उनकी बेटी और उसके साथियों ने 22 मई 2026 को युल्ला कंडा ट्रैक के लिए कंपनी के माध्यम से बुकिंग करवाई थी। कंपनी ने भुगतान लेने के बाद उनकी भागीदारी और शिमला से परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने की पुष्टि की थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार इसके लिए दी गई 29,925 रुपये की राशि अब तक वापस नहीं की गई है। इसमें चौथे सदस्य के लिए दिए 3,150 रुपये भी शामिल हैं। शिकायत के अनुसार 22 मई को सुबह छह बजे शिमला पहुंचने वाला वाहन करीब पांच घंटे की देरी से 11 बजे पहुंचा। आरोप है कि करीब 30 से 32 यात्रियों की क्षमता वाले वाहन में 40 से अधिक लोगों की बुकिंग की गई थी। मौके पर पहुंचने पर उनकी बेटी और उसके साथियों को बैठने के लिए सीटें नहीं मिलीं।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वाहन में कुछ यात्री गियर बॉक्स के आसपास और अन्य असुरक्षित स्थानों पर बैठे थे। सीटें उपलब्ध नहीं होने पर कंपनी के प्रतिनिधियों ने यात्रियों से पहाड़ी सड़कों पर खड़े होकर सफर करने को कहा। यात्रियों की आपत्ति के बावजूद उनके लिए वैकल्पिक वाहन की उचित व्यवस्था नहीं की गई। इसके बाद कंपनी के ट्रैक कैप्टन अखिल और क्षितिज ने कथित तौर पर पूरी राशि वापस करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही यात्रियों ने आगे ट्रैक पर नहीं जाने का निर्णय लिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी के प्रतिनिधियों से बार-बार संपर्क करने के बावजूद राशि वापस नहीं की गई। 26 मई को कंपनी की ऑपरेशन टीम की ओर से अमित अग्रवाल ने परिवहन संबंधी परेशानी के लिए खेद जताया लेकिन पूरी राशि लौटाने के बजाय एक साल तक मान्य क्रेडिट नोट देने का प्रस्ताव रखा। शिकायतकर्ता की बेटी ने इसे स्वीकार नहीं किया और दो जून और नौ जून को दोबारा राशि लौटाने की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 13 अक्तूबर तक रुपये वापस नहीं किए गए। इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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ट्रैवल कंपनी के खिलाफ पुलिस ने शुरू की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। किन्नौर जिले में स्थित युल्ला कंडा ट्रैक पर ले जाने के लिए बुकिंग करने के बावजूद परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं करवाने और 29,925 रुपये वापस नहीं करने के आरोप में नोएडा की एक ट्रैवल कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
ऊना निवासी सुरेश कपूर की शिकायत पर शिमला सदर थाना पुलिस ने नोएडा की निजी ट्रैवल कंपनी के मालिकों, प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस को दी शिकायत में सुरेश कपूर ने बताया कि उनकी बेटी और उसके साथियों ने 22 मई 2026 को युल्ला कंडा ट्रैक के लिए कंपनी के माध्यम से बुकिंग करवाई थी। कंपनी ने भुगतान लेने के बाद उनकी भागीदारी और शिमला से परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने की पुष्टि की थी।
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शिकायतकर्ता के अनुसार इसके लिए दी गई 29,925 रुपये की राशि अब तक वापस नहीं की गई है। इसमें चौथे सदस्य के लिए दिए 3,150 रुपये भी शामिल हैं। शिकायत के अनुसार 22 मई को सुबह छह बजे शिमला पहुंचने वाला वाहन करीब पांच घंटे की देरी से 11 बजे पहुंचा। आरोप है कि करीब 30 से 32 यात्रियों की क्षमता वाले वाहन में 40 से अधिक लोगों की बुकिंग की गई थी। मौके पर पहुंचने पर उनकी बेटी और उसके साथियों को बैठने के लिए सीटें नहीं मिलीं।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वाहन में कुछ यात्री गियर बॉक्स के आसपास और अन्य असुरक्षित स्थानों पर बैठे थे। सीटें उपलब्ध नहीं होने पर कंपनी के प्रतिनिधियों ने यात्रियों से पहाड़ी सड़कों पर खड़े होकर सफर करने को कहा। यात्रियों की आपत्ति के बावजूद उनके लिए वैकल्पिक वाहन की उचित व्यवस्था नहीं की गई। इसके बाद कंपनी के ट्रैक कैप्टन अखिल और क्षितिज ने कथित तौर पर पूरी राशि वापस करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही यात्रियों ने आगे ट्रैक पर नहीं जाने का निर्णय लिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी के प्रतिनिधियों से बार-बार संपर्क करने के बावजूद राशि वापस नहीं की गई। 26 मई को कंपनी की ऑपरेशन टीम की ओर से अमित अग्रवाल ने परिवहन संबंधी परेशानी के लिए खेद जताया लेकिन पूरी राशि लौटाने के बजाय एक साल तक मान्य क्रेडिट नोट देने का प्रस्ताव रखा। शिकायतकर्ता की बेटी ने इसे स्वीकार नहीं किया और दो जून और नौ जून को दोबारा राशि लौटाने की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 13 अक्तूबर तक रुपये वापस नहीं किए गए। इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।