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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Accurate weather forecast will be available in Himachal, Doppler weather radar starts in Kufri, facility will also be available in Dalhousie-Mandi

हिमाचल में मिलेगा मौसम का सटीक पूर्वानुमान, कुफरी में रडार स्थापित, डलहौजी-मंडी में भी मिलेगी सुविधा

Fri, 15 Jan 2021 08:04 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 15 Jan 2021 08:04 PM IST
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Accurate weather forecast will be available in Himachal, Doppler weather radar starts in Kufri, facility will also be available in Dalhousie-Mandi
कुफरी में पहला डोपलर वैदर रडार शुरू। - फोटो : अमर उजाला

कृषि और पर्यटन कारोबार को मौसम के सटीक पूर्वानुमान से लाभ मिलेगा। मौसम का सटीक पूर्वानुमान किसानों के लिए उनकी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है। यह पर्यटन के विकास में भी मदद करता है। पर्यटक मौसम के अनुसार अपनी यात्रा योजना बना सकते है। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से सटे कुफरी में डॉप्लर मौसम राडार के लोकार्पण अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने यह बात कही। इस अवसर पर वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कुफरी में रडार को समर्पित करने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार करते हुए कहा कि राज्य में मंडी और चंबा जिला के डलहौजी में दो और रडार स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में कुफरी में स्थापित किया गया रडार दो सप्ताह की अवधि के लिए परीक्षण मोड पर था और उसके बाद इसके डाटा का उपयोग पूर्वानुमान के लिए किया जाएगा।

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इसके माध्यम से विशिष्ट क्षेत्र में मौसम से संबंधित विभिन्न घटनाओं जैसे आंधी तूफान, बिजली, ओलावृष्टि, बारिश, बर्फबारी, तेज हवाओं के लिए अधिक सटीक क्षेत्र विशिष्ट मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी जारी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रदेश के बागवानों और किसानों को मौसम से संबंधित सटीक जानकारी प्रदान करने में मदद करेगा। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद सुरेश कश्यप, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, प्रधान सचिव विज्ञान और प्रौद्योगिकी केके पंत, विशेष सचिव राजस्व सुदेश कुमार मोक्टा मौजूद रहे। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि यह सभी दिशाओं में 100 किमी के मौसम का डाटा अवलोकन और उपलब्ध करवाएगा, जिसका उपयोग पूर्वानुमान के उद्देश्य के लिए किया जाएगा।  यह रडार पूरी तरह से स्वचालित है और इसकी कार्यप्रणाली कम्प्यूटरीकृत कार्यक्रम आधारित है। यह विभिन्न डिजिटल प्रारूप और तस्वीरों के रूप में डेटा संचारित करेगा। इंटिग्रेटिड हिमालयन प्रोजेक्ट के तहत यह रडार स्थापित किया गया है।
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