शिक्षा निदेशालय के निर्देश: हिमाचल में नए वेतनमान के हिसाब से स्कूल प्रवक्ताओं से की जाएगी रिकवरी
उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से सभी उप निदेशकों को जारी निर्देशों के अनुसार जिन स्कूल प्रवक्ताओं को 1 दिसंबर 2012 से पहले आठ साल की सर्विस पूरी करने पर नियमित किया गया है। उनकी नए पे स्केल में पे फिक्सेशन करते समय दी गई इंक्रीमेंट की रिकवरी होगी।
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सरकारी स्कूलों में तैनात स्कूल प्रवक्ताओं की रिकवरी होगी। शिक्षा विभाग ने पुरानी गलती को सुधारते हुए इसके लिए रिकवरी निर्देश जारी कर दिए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से सभी उप निदेशकों को इस बारे में निर्देश कर दिए गए हैं। जिन स्कूल प्रवक्ताओं को 1 दिसंबर 2012 से पहले आठ साल की सर्विस पूरी करने पर नियमित किया गया है। उनकी नए पे स्केल में पे फिक्सेशन करते समय दी गई इंक्रीमेंट की रिकवरी होगी। सरकारी स्कूलों में कुछ ऐसे प्रवक्ता हैं जिन्हें गलत तरीके से इंक्रीमेंट दी गई थी। यह रिकवरी नए वेतनमान के हिसाब से होगी।
वेतन निर्धारण का विवाद सरकार की विफलता: महासंघ
वहीं, हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ (विनोद गुट) ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर वेतन निर्धारण को लेकर हिमाचल में उठे विवाद पर इसे सरकार की असफलता करार दिया है। सरकार इसका निराकरण करने में सफल नहीं है। अफसरशाही और सरकार दोनों का रवैया कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक नहीं है। अब कर्मचारियों को वेतन निर्धारण के मामले में भी सरकार ने उलझा दिया है। संशोधित वेतनमानों को लेकर इस प्रकार की असमंजस की स्थिति पहले कभी पैदा नहीं हुई है। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष विनोद कुमार के साथ महासंघ के नेताओं गोविंद बरागटा, अश्वनी शर्मा, विनोद शर्मा, गीतेश पराशर ने सरकार से मांग करते हुए कहा है कि सरकार 1 जनवरी, 2016 को वेतन का निर्धारण किया जाए। केवल एक ही फार्मूला 2.59 लिया जाए तभी किसी भी कर्मचारी और अधिकारी की किसी भी प्रकार की वेतन विसंगति नहीं आएगी। सरकार कर्मचारियों के आर्थिक मसलों पर गंभीर है तो केवल 2.59 के फैक्टर (फार्मूला) के आधार पर ही 31 दिसंबर, 2015 के एम्ल्यूमैंटस के ऊपर 1.1.2016 को वेतन निर्धारण की अधिसूचना जारी करें। महासंघ ने 2019 में केंर्र्दीय वेतनमान लागू करने की कर्मचारियों की सहमति भी दी थी।