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Shimla News: गेयटी में हस्तकला और शिल्प का अद्भुत संगम बना आकर्षण
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टेवरन हॉल में शुरू हुआ काशी के दस्तकारों का मेला, देशभर से नौ कारीगरों ने सजाए स्टॉल
बागपत की बेडशीट, गुजरात की कलाकृतियां भी प्रदर्शित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में मंगलवार से देशभर के प्रसिद्ध कारीगरों का कला एवं शिल्प मेला मंगलवार को शुरू हो गया। मेले में काशी के दस्तकारों सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए नौ कारीगर अपनी पारंपरिक हस्तशिल्प और कलाकृतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
फैमको हैंडलूम कोऑपरेटिव सोसायटी की ओर से आयोजित इस दस दिवसीय मेले में नौ कारीगरों ने 12 स्टॉल लगाए हैं। इन स्टॉलों में बनारस की प्रसिद्ध बनारसी सिल्क साड़ियां और सूट, भागलपुर की टसर सिल्क साड़ियां, ब्लॉक प्रिंट सूट, असम की पारंपरिक कुर्तियां और क्रोशिया उत्पाद, मणिपुर की हस्तशिल्प वस्तुएं एवं मेखला-चादर, उत्तराखंड के पहाड़ी देसी मसाले, शहद उपलब्ध है। इसके अलावा अचार, घी और शिलाजीत, हैदराबाद के कारीगरों द्वारा तैयार असली मोतियों के आभूषण, मुरादाबाद की प्रसिद्ध मेटल आर्ट, बागपत की बेडशीट तथा गुजरात की हैंड ब्लॉक प्रिंट कलाकृतियां प्रदर्शित की हैं। मेले में विभिन्न राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प की झलक देखने को मिल रही है। यह आयोजन स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।आयोजक ओसामा तुफैल ने बताया कि मेले के पहले दिन स्थानीय लोगों और पर्यटकों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। यह मेला 31 जुलाई तक चलेगा।
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बागपत की बेडशीट, गुजरात की कलाकृतियां भी प्रदर्शित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में मंगलवार से देशभर के प्रसिद्ध कारीगरों का कला एवं शिल्प मेला मंगलवार को शुरू हो गया। मेले में काशी के दस्तकारों सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए नौ कारीगर अपनी पारंपरिक हस्तशिल्प और कलाकृतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
फैमको हैंडलूम कोऑपरेटिव सोसायटी की ओर से आयोजित इस दस दिवसीय मेले में नौ कारीगरों ने 12 स्टॉल लगाए हैं। इन स्टॉलों में बनारस की प्रसिद्ध बनारसी सिल्क साड़ियां और सूट, भागलपुर की टसर सिल्क साड़ियां, ब्लॉक प्रिंट सूट, असम की पारंपरिक कुर्तियां और क्रोशिया उत्पाद, मणिपुर की हस्तशिल्प वस्तुएं एवं मेखला-चादर, उत्तराखंड के पहाड़ी देसी मसाले, शहद उपलब्ध है। इसके अलावा अचार, घी और शिलाजीत, हैदराबाद के कारीगरों द्वारा तैयार असली मोतियों के आभूषण, मुरादाबाद की प्रसिद्ध मेटल आर्ट, बागपत की बेडशीट तथा गुजरात की हैंड ब्लॉक प्रिंट कलाकृतियां प्रदर्शित की हैं। मेले में विभिन्न राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प की झलक देखने को मिल रही है। यह आयोजन स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।आयोजक ओसामा तुफैल ने बताया कि मेले के पहले दिन स्थानीय लोगों और पर्यटकों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। यह मेला 31 जुलाई तक चलेगा।
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