फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   A 'Fill the Jails' movement will now be launched in opposition to free trade agreements.

Shimla News: मुक्त व्यापार समझौतों के विरोध में चलेगा अब जेल भरो आंदोलन

Sat, 25 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
A 'Fill the Jails' movement will now be launched in opposition to free trade agreements.
वामपंथी संगठन 25 जगह देंगे गिरफ्तारियां
विज्ञापन

कालीबाड़ी हॉल में हुए अधिवेशन में बनाई आंदोलन की रूपरेखा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारत-अमेरिका और अन्य देशों के बीच हो रहे मुक्त व्यापार समझौतों का विरोध कर रहे वामपंथी संगठन 10 अगस्त को पूरे प्रदेश में जेल भरो आंदोलन करेंगे। इसमें सीटू और किसान सभा के कार्यकर्ता प्रदेश के जिला मुख्यालयों सहित कुल 25 स्थानों पर प्रदर्शन में शामिल होकर गिरफ्तारियां देंगे।

आंदोलन से पहले शनिवार को राजधानी शिमला के कालीबाड़ी हॉल में वामपंथी संगठनों का राज्य स्तरीय अधिवेशन आयोजित किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए किसान सभा के राज्य सचिव एवं पूर्व विधायक राकेश सिंघा, सीटू के राष्ट्रीय सचिव कश्मीर सिंह ठाकुर, सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और सीटू के राज्य सचिव प्रेम गौतम ने भारत-अमेरिका तथा अन्य देशों के साथ हो रहे मुक्त व्यापार समझौतों से प्रदेश के किसानों, मजदूरों और आम लोगों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से विचार रखे।
विज्ञापन


वक्ताओं ने कहा कि देश को विकास की जगह फिर से आर्थिक गुलामी की ओर धकेला जा रहा है। देश में सत्तासीन सरकार केवल उद्योगपतियों के लिए कार्य कर रही है और मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से देश के हितों की अनदेखी कर रही है। इससे आने वाले समय में देश के हालात बिगड़ेंगे, जिससे आम गरीब व्यक्ति, किसान और मजदूरों का जीवन मुश्किल हो जाएगा। विजेंद्र मेहरा ने कहा कि सम्मेलन में किसान सभा, सीटू, वामपंथी छात्र संगठनों और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने आगामी 10 अगस्त को होने वाले जेल भरो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने का एलान किया है। सम्मेलन में नए लागू श्रम संहिताओं और मजदूर विरोधी नीतियों का भी पुरजोर विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि श्रम संहिताओं से श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे और कृषि क्षेत्र पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। विजेंद्र मेहरा ने आम किसानों, मजदूरों और लोगों से 10 अगस्त को होने वाले आंदोलन में भाग लेने और अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article