हिमाचल में भारी बारिश से 990.54 करोड़ की क्षति : सीएम जयराम
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मानसून सत्र के दौरान सदन में कहा कि हिमाचल में भारी बारिश से अभी तक 990.54 करोड़ का नुकसान हुआ है। सरकार ने विभिन्न विभागों को 230 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
दिल्ली में 28 अगस्त को मुख्यमंत्रियों की बैठक में हिमाचल का मामला उठाया जाएगा, ताकि केंद्र से 1000 करोड़ की वित्तीय मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि केंद्र से आपदा से हुई क्षति का जायजा लेने को शीघ्र दल बुलाया जाएगा। भारी बारिश से प्रदेश में अभी तक कुल 35 लोगों की जान गई है।
मुख्यमंत्री नियम 130 के तहत विधायक अनिरुद्ध सिंह के प्रदेश में बारिश से नुकसान पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गत 4 जून, 2018 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, ताकि जिलों में राहत कार्यों को सुचारु रूप से चलाया जा सके। 3941 सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुईं।
भारी बारिश से राज्य की 923 सड़कें प्रभावित हुई
आईपीएच को 214 करोड़, बिजली 24.5 करोड़, कृषि 63.12 करोड़, कृषि 11.57 करोड़ की क्षति पहुंची है। भारी बारिश से राज्य की 923 सड़कें प्रभावित हुई थीं। 51 सड़कें अवरुद्ध हुई हैं। लोक निर्माण विभाग सड़कें खोलने में जुटा है।
सरकार सेब सीजन को ध्यान में रखकर सड़कों को खुला रखने के लिए कृत संकल्प है। कहा कि सभी डीसी से कहा है कि राहत सभी को पहुंचाएं। एससी, एसटी और ओबीसी को जनजातीय कल्याण कमेटी मकान बनाने को राहत राशि देें।
अन्य लोगों के मकानों के लिए सरकार व्यवस्था करेगी। यह भी कहा है कि जिन लोगों के मकानों के डंगे गिरे हैं, ये डंगे मनरेगा में तैयार किए जाएं। पर्यटक स्थलों शिमला, कुल्लू, मनाली, डलहौजी में जहां
एनएच में भू-स्खलन होता है, वहां यातायात बहाल रखने की व्यवस्था करने को कहा है। हाईकोर्ट के लिए जाने वाला रास्ता दस दिन से बंद है। उन्होंने कहा कि यही रास्ता एक समय था जब एक साल तक बंद रखा गया था।
कई हलकों में योजनाओं को नहीं मिली नाबार्ड की मंजूरी
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कई विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां बीते पांच सालों में योजनाएं लागू करने को नाबार्ड की मंजूरी नहीं मिली है। सरकार इन विस क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी।
सीएम ने यह जानकारी नाचन के विधायक विनोद कुमार के प्रश्न के उत्तर में दी। कहा कि जब से विनोद कुमार विधायक बने हैं और वर्ष 2012-13 से अभी तक 42 योजनाएं विधायक प्राथमिकता की हैं।
इसमें चार योजनाएं ही स्वीकृत हुई हैं, जिसमें दो योजनाएं नाबार्ड से स्वीकृत हुई हैं। मएलडी क्षमता के मलशोधन संयंत्र का कार्य पूरा कर टेस्टिंग की जा रही है।
सीवरेज लाइन से जुड़ेंगी घनी आबादी वाली पंचायतें
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल की घनी आबादी वाली पंचायतों को सीवरेज सुविधा से जोड़ा जाएगा। अभी यह सुविधा शहरी क्षेत्रों में है। मंत्री ने यह जानकारी सरकाघाट के विधायक इंद्र सिंह के सवाल के जवाब में दी।
मूल सवाल के जवाब में सिंचाई मंत्री ने कहा कि मल निकासी योजना सरकाघाट -3 जोन एबीसी में बनानी प्रस्तावित है। जोन-ए का कार्य सेप्टिक टैंक के साथ पूर्ण हो चुका है। जोन बी में 0.70 एमएलडी क्षमता वाले मल शोधन संयंत्र का कार्य भी पूरा है। जोन सी में 1.67 ए
अनिरुद्घ सिंह ने उठाया ये मामला
नियम 130 के तहत भारी बारिश से हुए नुकसान पर चर्चा प्रस्ताव लाए विधायक अनिरूद्घ सिंह ने बताया कि 13 अगस्त की भारी बारिश से शिमला समेत समूचे हिमाचल में भारी नुकसान हुआ है।
कहा कि भारी बारिश की वजह से कई जगह पेड़ गिए गए लेकिन एसडीएम जिन्हें 133 सीआरपीसी के तहत मजिस्ट्रेटी शक्ति मिली हुई है, वह सिर्फ हाथ बांधकर पेड़ों को गिरता देख रहे हैं जिसकी वजह से नुकसान हो रहा है।
मांग की कि सरकार बताए कि एसडीएम ने कितनी मंजूरी दी। इसके अलावा नुकसान की भी जानकारी मांगी। साथ ही कहा कि सरकार को बारिश की चेतावनी पर पहले से पर्याप्त तैयारी करनी चाहिए।
1703 प्रशिक्षु कंडक्टरों ने की पैसे की हेराफेरी
परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि कौशल विकास निगम के तहत परिवहन निगम वर्ष 2015 से युवाओं को कंडक्टर का प्रशिक्षण दे रहा है। अब तक 10 हजार से ज्यादा युवाओं ने यह प्रशिक्षण लिया है।
प्रशिक्षण के दौरान 1703 प्रशिक्षु कंडक्टरों ने पैसे की हेराफेरी की है। इन्हें निकाल दिया है। अब निगम में 219 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंत्री ने यह जानकारी विधायक विनय कुमार के लिखित प्रश्न के जवाब में दी। उन्होंने कहा कि कौशल विकास निगम के तहत किसी भी परिचालक की एचआरटीसी में भर्ती नहीं की गई है।