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मैट्रोेपोल-हाईकोर्ट सड़क के डंगे का काम फिर ठप
Updated Fri, 07 Sep 2018 06:09 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में तीन दिन से हो रही बारिश ने मैट्रोपोल-हाईकोर्ट सड़क पर ढहे डंगे के निर्माण कार्य में खलल डाल दिया है। पानी के रिसाव के चलते डंगे का निर्माण कार्य रुक गया है। शुक्रवार को दोपहर बाद हुई बारिश के कारण डंगा का निर्माण कार्य बाधित हुआ। इस स्थिति में लोगों को हाईकोर्ट सड़क पर आवाजाही करने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। इस स्थिति में लोनिवि शायद ही डंगे का कार्य तय सीमा के भीतर पूरा कर पाए।
मैट्रोपोल-हाईकोर्ट सड़क गिरने के ग्यारह दिन बाद मुख्यमंत्री ने खुद स्थिति को संभालते हुए लोनिवि को डंगा लगाने के आदेश दिए थे। इसके बाद लोनिवि ने डंगे का कार्य पूरा करने के लिए 20 दिन का समय मांगा था। लेकिन 15 दिन गुजरने के बाद लोनिवि अभी तक डंगे की सिर्फ फाउंडेशन ही पूरी कर पाया है। लोनिवि दावा है कि डंगे का कार्य 50 प्रतिशत पूरा हो गया है। पानी के रिसाव के कारण फाउंडेशन तैयार करने में काफी परेशानी आई। मौसम ठीक रहा तो तय समय के भीतर कार्य पूरा कर देंगे। लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि पानी के रिसाव के कारण डंगे के निर्माण कार्य में बार-बार रुकावट आ रही है। लोनिवि हरसंभव कोशिश कर रहा कि डंगे का कार्य तय सीमा के भीतर पूरा किया जा सकें।
डंगा का कार्य 50 कार्य पूरा
विभाग ने 20 दिनों के भीतर पांच पैच में 30 मीटर लंबा और साढ़े 12 मीटर ऊंचा डंगा लगाने का लक्ष्य रखा है। 15 दिन में 20 मीटर डंगे की फाउंडेशन का कार्य पूरा हो चुका है। डंगे को एक तरफ से चार मीटर, दूसरी ओर 8 मीटर ऊंचा तैयार हो पाया है। बारिश थमने के बाद शाम के समय मजदूर डंगे के कार्य में लगे रहे।
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सड़क से हजारों लोग करते है आवाजाही
सर्कुलर रोड से हाईकोर्ट, मालरोड, मुख्यमंत्री आवास, यूएस क्लब और जाखू को इसी सड़क होकर गाड़ियों की आवाजाही होती है। इसके अलावा सैकड़ों स्कूली बच्चे, न्यायालय के न्यायाधीशों, मुख्यमंत्री का काफिला, वीआईपी, एंबुलेंस वाहन और आम लोग भी इसी सड़क से गुजरते है। इस सड़क के खुलने से हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
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शिमला। शहर में तीन दिन से हो रही बारिश ने मैट्रोपोल-हाईकोर्ट सड़क पर ढहे डंगे के निर्माण कार्य में खलल डाल दिया है। पानी के रिसाव के चलते डंगे का निर्माण कार्य रुक गया है। शुक्रवार को दोपहर बाद हुई बारिश के कारण डंगा का निर्माण कार्य बाधित हुआ। इस स्थिति में लोगों को हाईकोर्ट सड़क पर आवाजाही करने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। इस स्थिति में लोनिवि शायद ही डंगे का कार्य तय सीमा के भीतर पूरा कर पाए।
मैट्रोपोल-हाईकोर्ट सड़क गिरने के ग्यारह दिन बाद मुख्यमंत्री ने खुद स्थिति को संभालते हुए लोनिवि को डंगा लगाने के आदेश दिए थे। इसके बाद लोनिवि ने डंगे का कार्य पूरा करने के लिए 20 दिन का समय मांगा था। लेकिन 15 दिन गुजरने के बाद लोनिवि अभी तक डंगे की सिर्फ फाउंडेशन ही पूरी कर पाया है। लोनिवि दावा है कि डंगे का कार्य 50 प्रतिशत पूरा हो गया है। पानी के रिसाव के कारण फाउंडेशन तैयार करने में काफी परेशानी आई। मौसम ठीक रहा तो तय समय के भीतर कार्य पूरा कर देंगे। लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि पानी के रिसाव के कारण डंगे के निर्माण कार्य में बार-बार रुकावट आ रही है। लोनिवि हरसंभव कोशिश कर रहा कि डंगे का कार्य तय सीमा के भीतर पूरा किया जा सकें।
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डंगा का कार्य 50 कार्य पूरा
विभाग ने 20 दिनों के भीतर पांच पैच में 30 मीटर लंबा और साढ़े 12 मीटर ऊंचा डंगा लगाने का लक्ष्य रखा है। 15 दिन में 20 मीटर डंगे की फाउंडेशन का कार्य पूरा हो चुका है। डंगे को एक तरफ से चार मीटर, दूसरी ओर 8 मीटर ऊंचा तैयार हो पाया है। बारिश थमने के बाद शाम के समय मजदूर डंगे के कार्य में लगे रहे।
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सड़क से हजारों लोग करते है आवाजाही
सर्कुलर रोड से हाईकोर्ट, मालरोड, मुख्यमंत्री आवास, यूएस क्लब और जाखू को इसी सड़क होकर गाड़ियों की आवाजाही होती है। इसके अलावा सैकड़ों स्कूली बच्चे, न्यायालय के न्यायाधीशों, मुख्यमंत्री का काफिला, वीआईपी, एंबुलेंस वाहन और आम लोग भी इसी सड़क से गुजरते है। इस सड़क के खुलने से हजारों लोगों को राहत मिलेगी।