{"_id":"5b0c3bd04f1c1b9f6e8b4f93","slug":"91527528400-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार और नगर निगम के दावों से चकराई जनता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार और नगर निगम के दावों से चकराई जनता
Updated Mon, 28 May 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर सरकार और नगर निगम के दावों और आंकड़ों से जनता चकरा गई है। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने सोमवार को शहर को मिल रही पानी की आपूर्ति के आंकड़े जारी किए। बताया कि मई महीने में शहर को 28.93 एमएलडी पानी मिल रहा है जो पिछले साल 35. 64 एमएलडी की तुलना में करीब साढ़े पांच एमएलडी कम है। शहर को सामान्यता 45 एमएलडी पानी की जरूरत पड़ती है। इस तरह सप्लाई करीब 17 एमएलडी ही घटी है। ऐसे में इतना पेयजल संकट नहीं होना चाहिए। उधर, नगर निगम के आंकड़ों कुछ और ही कह रहे हैं। निगम इन दिनों करीब 22 एमएलडी पंपिंग और 19 एमएलडी शहर को पानी मिलने के आंकड़े जारी कर रहा है। यह सरकार के आंकड़ों से काफी कम है। ऐसे में किसके आंकड़ें सही है, इस पर संशय पैदा हो गया है।
कई इलाकों में घंटों दी जा रही सप्लाई, टंकियां ओवरफ्लो
पेयजल संकट के बीच निगम भी पानी की बर्बादी कर रहा है। जिन इलाकों में पानी की सप्लाई दी जा रही है, वहां दो से चार घंटे तक पानी दिया जा रहा है। ऐसे में ज्यादातर घरों की टंकियां ओवरफ्लो भी हो रही है। ओकओवर में भी चार घंटे से ज्यादा पानी की सप्लाई दी गई जबकि पंथाघाटी में भी टंकियां ओवरफ्लो होने की सूचना है। लोगों का कहना है कि निगम चार घंटे सप्लाई देने की बजाय रोजाना एक घंटे पानी दे तो बर्बादी नहीं होगी।
विज्ञापन
शिमला। शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर सरकार और नगर निगम के दावों और आंकड़ों से जनता चकरा गई है। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने सोमवार को शहर को मिल रही पानी की आपूर्ति के आंकड़े जारी किए। बताया कि मई महीने में शहर को 28.93 एमएलडी पानी मिल रहा है जो पिछले साल 35. 64 एमएलडी की तुलना में करीब साढ़े पांच एमएलडी कम है। शहर को सामान्यता 45 एमएलडी पानी की जरूरत पड़ती है। इस तरह सप्लाई करीब 17 एमएलडी ही घटी है। ऐसे में इतना पेयजल संकट नहीं होना चाहिए। उधर, नगर निगम के आंकड़ों कुछ और ही कह रहे हैं। निगम इन दिनों करीब 22 एमएलडी पंपिंग और 19 एमएलडी शहर को पानी मिलने के आंकड़े जारी कर रहा है। यह सरकार के आंकड़ों से काफी कम है। ऐसे में किसके आंकड़ें सही है, इस पर संशय पैदा हो गया है।
कई इलाकों में घंटों दी जा रही सप्लाई, टंकियां ओवरफ्लो
पेयजल संकट के बीच निगम भी पानी की बर्बादी कर रहा है। जिन इलाकों में पानी की सप्लाई दी जा रही है, वहां दो से चार घंटे तक पानी दिया जा रहा है। ऐसे में ज्यादातर घरों की टंकियां ओवरफ्लो भी हो रही है। ओकओवर में भी चार घंटे से ज्यादा पानी की सप्लाई दी गई जबकि पंथाघाटी में भी टंकियां ओवरफ्लो होने की सूचना है। लोगों का कहना है कि निगम चार घंटे सप्लाई देने की बजाय रोजाना एक घंटे पानी दे तो बर्बादी नहीं होगी।
विज्ञापन