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पूर्व मंत्री समेत 215 भवन मालिकों को नोटिस
Updated Fri, 23 Mar 2018 10:51 PM IST
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पूर्व मंत्री समेत छह आईएएस अफसरों को नोटिस
घरों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने पर 215 से मांगा जवाब
नोटिस मिलते ही नगर निगम दफ्तर में बजने लगे फोन
अशोक चौहान
शिमला। न्यू शिमला इलाके के रिहायशी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे पूर्व मंत्री, छह आईएएस अधिकारी और दस एचएएस अफसरों को भी नगर निगम ने नोटिस जारी कर दिए हैं।
नोटिस पाने वालों में नगर निगम के दो पार्षद भी शामिल हैं। इन सबको सात दिन के भीतर भवन का नक्शा और चेंज ऑफ लैंड यूज की अनुमति दिखाने को कहा गया है। ऐसा न करने पर बाकी भवन मालिकों की तरह इनके भवन का भी बिजली और पानी काट दिया जाएगा। प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों को सख्ती से लागू करते हुए नगर निगम के पांच कर्मचारियों की टीम ने शुक्रवार को न्यू शिमला में जाकर भवन मालिकों को नोटिस जारी किए। इनमें पूर्व कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे एक नेता को भी नोटिस जारी किया गया है। इस नेता का न्यू शिमला सेक्टर वन में बहुमंजिला मकान है, जिसमें व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। अब तक किए सर्वेक्षण में जिन 215 रिहायशी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां पाई गई हैं, उनमें इन छह आईएएस और दस एचएएस अफसरों के मकान भी शामिल हैं। छह आईएएस में कई अफसर वर्तमान सरकार में कई अहम पदों पर भी तैनात हैं।
भवन मालिक बोेले-बस थोड़ा समय दो
भवन मालिकों को नोटिस मिलते ही नगर निगम कार्यालय में फोन घनघनाने लगे हैं। दुकानदार से लेकर आईएएस अफसर तक निगम से यह पूछ रहे हैं कि आखिर अब क्या करें? कुछेक अफसर ऐसे भी हैं जो कोर्ट के आदेशों को लागू करने को तैयार हैं लेकिन ये अपने मकान खाली करवाने के लिए निगम प्रशासन से मोहलत भी मांग रहे हैं। कई अफसरों के घरों में सरकारी दफ्तर चल रहे हैं। कुछेक ऐसे हैं, जिनके मकानों में हेल्थ सेंटर, कोचिंग संस्थान आदि चलाए जा रहे हैं। यदि ये लिखकर गारंटी देते हैं कि वे दो तीन माह में मकान खाली करवा देंगे तो निगम इन्हें राहत दे सकता है।
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अब तक चार ने दिया नोटिस का जवाब
215 में से अब तक चार लोगों ने ही नगर निगम के नोटिस का जवाब दिया है। इनके नक्शे सही पाए गए हैं। ऐसे में अब निगम इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा। वहीं, निगम शनिवार को भी इलाके में सर्वे का काम जारी रखेगा।
भवन मालिक ही खोलने लगे एक-दूसरे की पोल
नोटिस जारी होने के बाद कई भवन मालिक साथ लगते दूसरे मकानों की शिकायत भी निगम को कर रहे हैं। इनका कहना है कि साथ लगते मकानों में भी बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। इन्हें भी नोटिस जारी किया जाना चाहिए। अब तक निगम को दो ऐसी शिकायतें मिली हैं।
कार्रवाई से बचने की बना रहे रणनीति
इलाके के भवन मालिक अब बैठकें कर इस कार्रवाई से बचने की रणनीति भी बना रहे हैं। शनिवार को लोग स्थानीय पार्षदों की अगुवाई में निगम आयुक्त से भी मिलने की तैयारी कर रहे हैं।
क्या कहते हैं आयुक्त
कोर्ट के आदेशानुसार नगर निगम ने नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी है। भवन मालिकों से सात दिन में जवाब मांगा गया है।
रोहित जमवाल, नगर निगम आयुक्त
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घरों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने पर 215 से मांगा जवाब
नोटिस मिलते ही नगर निगम दफ्तर में बजने लगे फोन
अशोक चौहान
शिमला। न्यू शिमला इलाके के रिहायशी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे पूर्व मंत्री, छह आईएएस अधिकारी और दस एचएएस अफसरों को भी नगर निगम ने नोटिस जारी कर दिए हैं।
नोटिस पाने वालों में नगर निगम के दो पार्षद भी शामिल हैं। इन सबको सात दिन के भीतर भवन का नक्शा और चेंज ऑफ लैंड यूज की अनुमति दिखाने को कहा गया है। ऐसा न करने पर बाकी भवन मालिकों की तरह इनके भवन का भी बिजली और पानी काट दिया जाएगा। प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों को सख्ती से लागू करते हुए नगर निगम के पांच कर्मचारियों की टीम ने शुक्रवार को न्यू शिमला में जाकर भवन मालिकों को नोटिस जारी किए। इनमें पूर्व कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे एक नेता को भी नोटिस जारी किया गया है। इस नेता का न्यू शिमला सेक्टर वन में बहुमंजिला मकान है, जिसमें व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। अब तक किए सर्वेक्षण में जिन 215 रिहायशी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां पाई गई हैं, उनमें इन छह आईएएस और दस एचएएस अफसरों के मकान भी शामिल हैं। छह आईएएस में कई अफसर वर्तमान सरकार में कई अहम पदों पर भी तैनात हैं।
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भवन मालिक बोेले-बस थोड़ा समय दो
भवन मालिकों को नोटिस मिलते ही नगर निगम कार्यालय में फोन घनघनाने लगे हैं। दुकानदार से लेकर आईएएस अफसर तक निगम से यह पूछ रहे हैं कि आखिर अब क्या करें? कुछेक अफसर ऐसे भी हैं जो कोर्ट के आदेशों को लागू करने को तैयार हैं लेकिन ये अपने मकान खाली करवाने के लिए निगम प्रशासन से मोहलत भी मांग रहे हैं। कई अफसरों के घरों में सरकारी दफ्तर चल रहे हैं। कुछेक ऐसे हैं, जिनके मकानों में हेल्थ सेंटर, कोचिंग संस्थान आदि चलाए जा रहे हैं। यदि ये लिखकर गारंटी देते हैं कि वे दो तीन माह में मकान खाली करवा देंगे तो निगम इन्हें राहत दे सकता है।
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अब तक चार ने दिया नोटिस का जवाब
215 में से अब तक चार लोगों ने ही नगर निगम के नोटिस का जवाब दिया है। इनके नक्शे सही पाए गए हैं। ऐसे में अब निगम इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा। वहीं, निगम शनिवार को भी इलाके में सर्वे का काम जारी रखेगा।
भवन मालिक ही खोलने लगे एक-दूसरे की पोल
नोटिस जारी होने के बाद कई भवन मालिक साथ लगते दूसरे मकानों की शिकायत भी निगम को कर रहे हैं। इनका कहना है कि साथ लगते मकानों में भी बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। इन्हें भी नोटिस जारी किया जाना चाहिए। अब तक निगम को दो ऐसी शिकायतें मिली हैं।
कार्रवाई से बचने की बना रहे रणनीति
इलाके के भवन मालिक अब बैठकें कर इस कार्रवाई से बचने की रणनीति भी बना रहे हैं। शनिवार को लोग स्थानीय पार्षदों की अगुवाई में निगम आयुक्त से भी मिलने की तैयारी कर रहे हैं।
क्या कहते हैं आयुक्त
कोर्ट के आदेशानुसार नगर निगम ने नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी है। भवन मालिकों से सात दिन में जवाब मांगा गया है।
रोहित जमवाल, नगर निगम आयुक्त