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सफाई व्यवस्था पर हंगामा, पार्षद बोले- बेकार है मोबाइल ऐप
Updated Sun, 28 Jan 2018 10:23 AM IST
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शिमला। शहर के कई वार्डों में सफाई की सही व्यवस्था न होने पर शनिवार को नगर निगम की बैठक में खूब हंगामा हुआ। कई पार्षदों ने कहा कि उनके वार्ड से हफ्तेभर से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। वहीं, कुछ पार्षदों ने सफाई व्यवस्था सवाल उठाते हुए इसे आउटसोर्स करने की बात कही।
इंजनघर वार्ड पार्षद आरती चौहान ने सबसे पहले इस समस्या को उठाया। पार्षद ने कहा कि नौ दिन तक वार्ड से कूड़ा नहीं उठा। सीट पर खड़े होकर पार्षद ने स्वास्थ्य अधिकारी से पूछा कि आखिर कब कूड़ा उठेगा। जब यह कर्मचारी नौ दिन तक गायब रहा तो कूड़ा उठाने की वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की। मेयर ने पार्षद को बैठने को कहा लेकिन वह नहीं मानीं। काम करने को कहा तो कर्मचारी हड़ताल की धमकी देते हैं। जब तक वार्ड के लिए दूसरा कर्मचारी नहीं भेजा जाएगा, विरोध जारी रहेगा। बाद में आयुक्त ने दूसरे कर्मचारी की तैनाती का भरोसा दिलाया।
इसके बाद आउटसोर्सिंग पर हंगामा मच गया। पार्षद आरती चौहान और दिवाकर शर्मा ने सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए यह काम आउटसोर्स करने की मांग उठाई। कई और पार्षद भी इनके पक्ष में उतर आए। वहीं, शैली शर्मा और बिट्टु कुमार ने इसका विरोध किया। प्रस्ताव पर पार्षद आपस में ही उलझ गए। बहरहाल इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनी।
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पार्षद बोले- बेकार है मोबाइल ऐप
नगर निगम के स्वच्छता ऐप को लेकर भी सदन में खूब बहस हुई। पार्षद शैली शर्मा ने कहा कि निगम का व्हाट्सऐप ग्रुप पहले ही निष्क्रिय था। अब स्वच्छता ऐप पर भी शिकायत का कोई फायदा नहीं। कहा कि एक हफ्ते से उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मज्याठ पार्षद दिवाकर शर्मा ने कहा कि उन्होंने एक माह पहले यह ऐप डाउनलोड किया। कई शिकायतें भी कीं। लेकिन उनके वार्ड में कोई सफाई करने नहीं पहुंचा। इस पर स्वच्छ भारत मिशन के नोडल ऑफिसर डॉ. नीरज मोहन ने कहा कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई होगी। ऐप पर 422 शिकायतें निपटा दी हैं जबकि 21 अभी लंबित हैं।
इन प्रस्तावों पर भी चर्चा
पार्षद दिवाकर शर्मा ने रेलवे और सीपीडब्ल्यूडी आदि कालोनियों के क्षेत्र को निगम के अधीन करने की बात कही। इससे इन कॉलोनियों में निगम मूलभूत सुविधाएं दे सकेगा। पार्षद कमलेश मेहता ने ढींगूधार में जल भंडारण टैंक बनाने तो आशा शर्मा ने पटयोग में सभी लोगों से टैक्स लेने, कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने और कम्युनिटी सेंटर के पास पार्किंग बनाने का मामला उठाया। पार्षद कुसुमलता ने न्यू शिमला के उन 11 परिवारों को टैक्स से राहत की मांग की जिनकी जमीन अधिगृहीत की गई थी। पार्षद किमी सूद ने पानी की टेस्टिंग को लेकर पुणे लैब की रिपोर्ट भी वेबसाइट पर मुहैया करवाने की मांग की। साथ ही मरीना के पास लेबर हॉस्टल में खाली पड़े कमरों में पानी बिल के काउंटर की सुविधा देने का मामला उठाया। पार्षद किमी सूद और शैलेंद्र चौहान ने बरसात में गिरे पेड़ों को हटाने का मामला उठाया।
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इंजनघर वार्ड पार्षद आरती चौहान ने सबसे पहले इस समस्या को उठाया। पार्षद ने कहा कि नौ दिन तक वार्ड से कूड़ा नहीं उठा। सीट पर खड़े होकर पार्षद ने स्वास्थ्य अधिकारी से पूछा कि आखिर कब कूड़ा उठेगा। जब यह कर्मचारी नौ दिन तक गायब रहा तो कूड़ा उठाने की वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की। मेयर ने पार्षद को बैठने को कहा लेकिन वह नहीं मानीं। काम करने को कहा तो कर्मचारी हड़ताल की धमकी देते हैं। जब तक वार्ड के लिए दूसरा कर्मचारी नहीं भेजा जाएगा, विरोध जारी रहेगा। बाद में आयुक्त ने दूसरे कर्मचारी की तैनाती का भरोसा दिलाया।
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इसके बाद आउटसोर्सिंग पर हंगामा मच गया। पार्षद आरती चौहान और दिवाकर शर्मा ने सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए यह काम आउटसोर्स करने की मांग उठाई। कई और पार्षद भी इनके पक्ष में उतर आए। वहीं, शैली शर्मा और बिट्टु कुमार ने इसका विरोध किया। प्रस्ताव पर पार्षद आपस में ही उलझ गए। बहरहाल इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनी।
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पार्षद बोले- बेकार है मोबाइल ऐप
नगर निगम के स्वच्छता ऐप को लेकर भी सदन में खूब बहस हुई। पार्षद शैली शर्मा ने कहा कि निगम का व्हाट्सऐप ग्रुप पहले ही निष्क्रिय था। अब स्वच्छता ऐप पर भी शिकायत का कोई फायदा नहीं। कहा कि एक हफ्ते से उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मज्याठ पार्षद दिवाकर शर्मा ने कहा कि उन्होंने एक माह पहले यह ऐप डाउनलोड किया। कई शिकायतें भी कीं। लेकिन उनके वार्ड में कोई सफाई करने नहीं पहुंचा। इस पर स्वच्छ भारत मिशन के नोडल ऑफिसर डॉ. नीरज मोहन ने कहा कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई होगी। ऐप पर 422 शिकायतें निपटा दी हैं जबकि 21 अभी लंबित हैं।
इन प्रस्तावों पर भी चर्चा
पार्षद दिवाकर शर्मा ने रेलवे और सीपीडब्ल्यूडी आदि कालोनियों के क्षेत्र को निगम के अधीन करने की बात कही। इससे इन कॉलोनियों में निगम मूलभूत सुविधाएं दे सकेगा। पार्षद कमलेश मेहता ने ढींगूधार में जल भंडारण टैंक बनाने तो आशा शर्मा ने पटयोग में सभी लोगों से टैक्स लेने, कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने और कम्युनिटी सेंटर के पास पार्किंग बनाने का मामला उठाया। पार्षद कुसुमलता ने न्यू शिमला के उन 11 परिवारों को टैक्स से राहत की मांग की जिनकी जमीन अधिगृहीत की गई थी। पार्षद किमी सूद ने पानी की टेस्टिंग को लेकर पुणे लैब की रिपोर्ट भी वेबसाइट पर मुहैया करवाने की मांग की। साथ ही मरीना के पास लेबर हॉस्टल में खाली पड़े कमरों में पानी बिल के काउंटर की सुविधा देने का मामला उठाया। पार्षद किमी सूद और शैलेंद्र चौहान ने बरसात में गिरे पेड़ों को हटाने का मामला उठाया।