हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में गूंजेंगे 775 सवाल, 22 बैठकें होंगी
25 फरवरी से शुरू हो रहे हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय के पास अब तक 775 सवाल पहुंच चुके हैं। जवाब तैयार करने के लिए सभी सवाल संबंधित विभागों के पास भेज दिए गए हैं।
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हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में सड़क, पानी, बिजली, कानून व्यवस्था और रोजगार से जुडे़ ज्यादा सवाल पूछे जाएंगे। 25 फरवरी से शुरू हो रहे हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय के पास अब तक 775 सवाल पहुंच चुके हैं। जवाब तैयार करने के लिए सभी सवाल संबंधित विभागों के पास भेज दिए गए हैं। विभागों को 16 मार्च तक जवाब तैयार कर भेजने को कहा गया है।
बजट सत्र एक अप्रैल तक चलेगा। इसमें 22 बैठकें होेंगी। छह मार्च को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपना तीसरा बजट पेश करेंगे। 27 मार्च को बजट पारित होगा। 15 से 22 मार्च तक ब्रेक रहेगा। प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने बुधवार को प्रेस गैलरी कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अब तक विधायकों से 775 सवालों के मिलने की पुष्टि की। हंसराज ने कहा कि पहले दिन राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का अभिभाषण होगा।
छह मार्च को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अगले वित्त वर्ष 2020-21 के लिए हिमाचल का बजट पेश करेंगे। बजट पेश होने के बाद 14 मार्च तक बजट पर चर्चा होगी। अवकाश के बाद हिमाचल विधानसभा में 23 मार्च से 27 मार्च तक कटौती प्रस्ताव पेश होंगे। बजट सत्र के दौरान 5 और 26 मार्च को प्राइवेट मेंबर्स डे होगा। अगले वित्त वर्ष के लिए 27 मार्च को बजट पारित होगा। उन्होंने कहा कि अब तक 612 तारांकित और 163 अतारांकित प्रश्न प्राप्त हुए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए 25 को नामांकन
हिमाचल विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए 25 फरवरी को दोपहर 12 बजे तक नामांकन पत्र भरे जाएंगे। 26 फरवरी को नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। यह पद डॉ. राजीव बिंदल के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद खाली हुआ है। डॉ. बिंदल को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है।
विधायकों ने 500 सवाल हाथ से लिखकर भेजे
बजट सत्र के लिए भाजपा और कांग्रेस के विधायकों ने 500 सवाल हाथ से लिखकर भेजे हैं। विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने कहा कि विधायकों को ऑनलाइन सुविधा के लिए प्रशिक्षण होना चाहिए। ऐसा प्रयास किया जाएगा कि विधायक ऑनलाइन सुविधा का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
लैपटॉप पर प्रमाणित होंगे क्यूआर कोड से फोटोयुक्त ई-प्रवेश पत्र
विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने कहा कि इस बार भी क्यूआर कोड के माध्यम से फोटो युक्त ई-प्रवेश पत्र को लैपटॉप के माध्यम से प्रमाणित किया जाएगा। इन केंद्रों पर हर व्यक्ति का डाटाबेस बनेगा, जिसे पुलिस नियंत्रण कक्ष से मॉनीटर करेगी। ई-प्रवेश पत्र ई-विधान के अंतर्गत बनाए जाएंगे। आगंतुक सत्र के दौरान बायोमीट्रिक मशीन से चेक होने के बाद पास बनाकर विस परिसर में प्रवेश करेंगे।
उन्होंने बजट सत्र के दृष्टिगत सुरक्षा प्रबंधों से संबंधित विधानसभा सचिवालय में बैठक की अध्यक्षता की। इसमें प्रदेश विस सचिव यशपाल शर्मा, महानिरीक्षक इंटेलिजेंस दिलजीत सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक हरबंस सिंह ब्रॉस्कॉन, पुलिस अधीक्षक ओमापति जम्वाल, जिला शिमला प्रभारी राजीव, जिला दंडाधिकारी शिमला विनोद कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुप्तचर (सुरक्षा), संयुक्त सचिव प्रशासन रमेश शर्मा और सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के तथा संयुक्त निदेशक और प्रदीप कंवर मौजूद रहे।
निर्णय लिया कि विस सचिवालय में ई-प्रवेश पत्र लिखित आवेदन पर दिया जाएगा। ई-विधान प्रणाली के तहत इसे मुद्रित किया जाएगा। यह आवेदन सभी ई-प्रवेश पत्र पाने वालों को अनिवार्य है। विधानसभा सचिवालय में ई-प्रवेश पत्र की जांच के लिए पुलिस की ओर से कंप्यूटरीकृत जांच केंद्र मुख्य द्वारों पर स्थापित किए जाएंगे।
वाहनों पर लगाने होंगे स्टिकर, दिखाने होंगे पास
निर्णय लिया है कि बजट सत्र के दौरान विस सचिवालय से जारी अधिकारी दीर्घा पास, स्थापना पास और प्रेस संवाददाताओं को जारी पास प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे सुरक्षाकर्मियों की ओर से फ्रिस्किंग की कम से कम जरूरत रहे। पार्किंग स्टिकर वाहन के आगे प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे।
मोबाइल फोन, पेजर विधानसभा में ले जाने पर प्रतिबंध
मोबाइल फोन, पेजर आदि विधानसभा के अंदर ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। बैठक के बाद विस उपाध्यक्ष ने विधानसभा परिसर का दौरा किया और तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने पत्रकार दीर्घा का भी दौरा किया।
सत्र के दौरान अव्यवस्था न हो, इसके लिए जिला प्रशासन को दिशा-निर्देश दिए। निर्णय लिया गया कि प्रेस संवाददाता अपनी गाड़ियां कैनेडी चौक से 30 मीटर दूर तक पार्क कर सकेंगे, जबकि विस सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी महालेखाकार चौक से मुख्यमंत्री गेट 30 मीटर दूर तक गाड़ियां पार्क कर सकेंगे।