737 बिजली प्रोजेक्ट होंगे रद्द, सरकार ने जारी किए नोटिस
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साल 1993 से लेकर 2001 के बीच अलॉट हुए 737 बिजली प्रोजेक्टों को सरकार रद्द करने जा रही है। 5030 मेगावाट की क्षमता वाले इन प्रोजेक्टों पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।
ऐसे में सरकार ने प्रोजेक्ट लेने वालों को नोटिस जारी कर एक माह के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सरकार इन प्रोजेक्टों को रद्द कर देगी। पांच मेगावाट से अधिक क्षमता वाले इन प्रोजेक्टों की अपफ्रंट मनी भी जब्त कर ली जाएगी।
ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने बताया है कि प्रोजेक्ट लेने के बावजूद काम शुरू नहीं करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने नोटिस देकर जवाबतलबी करने का फैसला लिया है।
बिजली उत्पादन घटने के बावजूद 70 करोड़ का लाभ
प्रदेश में इस साल बिजली उत्पादन कम होने के बावजूद ऊर्जा महकमे को अच्छे दाम मिलने से 70 करोड़ के राजस्व का लाभ हुआ है। साल 2017-18 में मानसून सीजन में सरकार ने अपने फ्री पॉवर कोटे से 2029 मिलियन यूनिट बिजली बेच कर 700 करोड़ रुपये कमाए थे।
इस साल अभी तक 400 मिलियन यूनिट कम 1629 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ है। इसे बेच कर सरकार ने 770 करोड़ रुपये कमा लिए हैं।
बिहार स्टेट पॉवर होल्डिंग कंपनी को सरकार ने 3.70 रुपये प्रति यूनिट और उत्तर प्रदेश को 4.29 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेची है। बिजली के अच्छे दाम मिलने से कम उत्पादन होने के बावजूद सरकार को 70 करोड़ का लाभ हुआ है।
इस साल 182.6 मेगावाट उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य
हालांकि कम उत्पादन होने से सरकार को करीब 150 करोड़ रुपये का नुकसान भी हुआ है। ऊर्जा महकमे ने इस साल 182.6 मेगावाट का नया बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
इसमें 100 मेगावाट का ऊहल स्टेज थ्री, 15 का क्वारसी, 24 का कूट, 9 का सलून, 12 का रौरा, 13 का राला और 9.6 मेगावाट का ज्यूरी बिजली प्रोजेक्ट शामिल हैं।