{"_id":"5bf83717bdec2241be1de14b","slug":"71542993687-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढांडा में कचरे का पहाड़ देख हैरान रह गए मेयर-अफसर, मंगानी पड़ी जेसीबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढांडा में कचरे का पहाड़ देख हैरान रह गए मेयर-अफसर, मंगानी पड़ी जेसीबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 24 Nov 2018 10:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी के प्रवेशद्वार ढांडा में शुक्रवार को सफाई अभियान चलाने पहुंचे मेयर और जिला प्रशासन के अधिकारी यहां कचरे का पहाड़ देखकर दंग रह गए। कचरा उठाने के लिए जब लोग कम पड़ गए तो जेसीबी और रोबोट मंगाने पड़े। सुबह दस बजे मेयर कुसुम सदरेट, डिप्टी मेयर राकेश शर्मा, एसडीएम ग्रामीण नीरज गुप्ता, नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सफाई अभियान चलाने ढांडा पहुंचे। ढांडा चायली पंचायत में आता है और यहां कूड़ा उठाने की सुविधा नहीं है। कचरा न उठने की यहां से काफी शिकायतें आ रही थीं।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे मेयर और अधिकारी गंदगी देख हैरान हो गए। अभियान शुरू किया तो पंचायत के लोग, ढांडा बाजार के कारोबारी भी मदद के लिए पहुंच गए। देर शाम तक चले अभियान के दौरान यहां से करीब 40 टन कचरा बरामद किया गया।
विज्ञापन
नगर निगम के आधा दर्जन ट्रक लद गए जिनसे कचरा भरयाल कूड़ा संयंत्र पहुंचाया गया। अभियान में टुटू पार्षद विवेक शर्मा, पंचायत प्रधान मीरा ठाकुर, बीडीसी सदस्य जोगेंद्र सिंह, निगम स्वास्थ्य अधिकारी सुरेखा चोपड़ा और जतोग कैंटोनमेंट बोर्ड से कर्मचारियों ने भी सहयोग दिया।
विज्ञापन
अब नहीं खड़ा होगा पहाड़, निगम उठाएगा कचरा
महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि इलाके में नियमित सफाई करने को कहा है। कचरा उठाने में नगर निगम सहयोग करेगा। कहा कि शहर के साथ लगती पंचायतों के प्रधान यदि कचरे के निपटान में मदद चाहते हैं तो वे मेयर ऑफिस में आकर मिल सकते हैं। उन्होंने मौके पर जालियां लगाने को भी कहा है ताकि लोग जंगल में कचरा न फेंक सके। कारोबारियों को डस्टबिन रखने की भी अपील की है।
इन इलाकों में भी अभियान की जरूरत
शहर के साथ लगते इलाकों ब्योलिया, मैहली, मल्याणा, शोघी आदि में भी ऐसे अभियान चलाने की जरूरत है। निगम क्षेत्र से बाहर होने के चलते यहां कूड़ा उठाने की सुविधा नहीं है। शिमला के प्रवेश द्वार पर बसे इन सभी बाजारों के साथ कचरे के पहाड़ खड़े हो रहे हैं।