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पिंजरे खाली, अब जाल में भी नहीं फंस रहे बंदर

Wed, 10 Oct 2018 11:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 10 Oct 2018 11:30 AM IST
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चालाक बंदरों की बदमाशी

जाल बिछाकर बंदरों का झुंड पकड़ने की वन विभाग की योजना फेल होने लगी है। पिंजरों की तरह शहर के चालाक बंदर अब जाल में भी नहीं फंस रहे। जाल देखकर बंदर इससे दूरी बना रहे हैं। वन्यजीव विभाग ने हाल ही में शहर के 34 वार्डों में बंदरों का सर्वे पूरा किया है। इसमें पाया कि शहर में 1700 से अधिक बंदर हैं। यह ज्यादातर झुंडों में रहते हैं। सर्वेक्षण के दौरान इनकी संख्या, व्यवहार आदि का अध्ययन किया गया।

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सर्वेक्षण के बाद अब विभाग बंदरों का पूरा झुंड पकड़ने के लिए जाल बिछा रहा है लेकिन बंदर इसमें नहीं फंस रहे। पिछले करीब तीन हफ्तों से विभाग की टीमें शहर के अलग-अलग स्थानों पर जाकर जाल बिछा रही है। इसमें बंदरों को आकर्षित करने के लिए खाने पीने का सामान भी डाला जा रहा है। लेकिन बंदर हैं कि इसमें आने को तैयार ही नहीं। हालांकि, विभाग ने अपना प्रयास जारी रखा है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में विभाग अपनी रणनीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।
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शहर के हिस्सों में बंदरों के उत्पात के चलते आम लोग परेशान हैं। बंदर लोगों से सामान छुड़ाकर ले जाते हैं तथा कई बार हमला भी कर देते है। अस्पताल में आए दिन बंदर काटने के मामले आ रहे हैं। वहीं मंदिरों के आसपास भी बंदरों ने उत्पात मचा रखा है। श्रद्धालु से प्रसाद के साथ अन्य सामान बंदर छीनकर ले जाते और फिर कुछ खाने को देने पर ही वापस करते हैं। ऐसे में बंदर लोगों की हर गतिविधि को अच्छी तरह समझ चुके हैं। इस वजह से बंदर विभाग के जाल में भी नहीं फंस रहे। डीएफओ वाइल्ड लाइफ राजेश शर्मा ने कहा कि जाल से बंदर पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
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अब मिडल बाजार में आतंक मचा रहे बंदर
शिमला। मालरोड और रिज मैदान के बंदर अब मिडल और लोअर बाजार में जाकर उत्पात मचा रहे हैं। नगर निगम ने रिज और मालरोड पर बंदरों को भगाने के लिए कर्मचारी तैनात कर रखे हैं। सुबह के समय यह कर्मी बंदरों को भगा देते हैं जिससे बंदर मिडल बाजार की गलियों में पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे सुबह बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो रहा है। लोग घरों में कैद हो गए हैं। लोगों ने पार्षद इंद्रजीत सिंह से भी इसकी शिकायत कर बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है। पार्षद का कहना है कि मंगलवार को इस बारे में आयुक्त से बात करेंगे।

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