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प्राइवेट बसों में जरूरी होगा अब टाइम टेबल लगाना
Updated Sun, 11 Feb 2018 10:29 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के प्राइवेट बस ऑपरेटरों को गाड़ियों के बाहर बस का टाइम टेबल प्रदर्शित करना होगा। बसों की कंडक्टर साइड में अगले दरवाजे के पास बस का टाइम टेबल चस्पां करना होगा। टाइम टेबल के अनुसार ही बसें रूटों पर चलेंगी, जिससे यात्रियों को भी फायदा होगा।
बस ऑपरेटरों को अपनी गाड़ियों की पासिंग से पहले बसों पर टाइम टेबल प्रदर्शित करना होगा। परिवहन विभाग की ओर से इसे लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं। बसों की पासिंग के समय अनिवार्य रूप से बस का टाइम टेबल जांचा जाएगा। अगर किसी बस में टाइम टेबल चस्पां नहीं पाया गया तो संबंधित बस की पासिंग नहीं की जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद टाइम टेबल को लेकर बस आपरेटरों के बीच होने वाले विवाद से छुटकारा मिलेगा। मौजूदा समय में टाइम टेबल को लेकर अकसर प्राइवेट बसों के ड्राइवर कंडक्टर आपस में भिड़ जाते हैं। बसों में टाइम टेबल न होने के कारण विवाद सुलझने में लंबा समय लग जाता है। बसों में टाइम टेबल चस्पां होने के बाद विवाद की आशंका नहीं रहेगी। बस पर चस्पां टाइम टेबल देख कर ही साफ हो जाएगा कि किस बस की क्या टाइमिंग है।
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बसों में टाइम टेबल प्रदर्शित करना अनिवार्य
बसों में अनिवार्य रूप से टाइम टेबल प्रदर्शित करना होगा। टाइम टेबल प्रदर्शित न होने की स्थिति में बस की पासिंग नहीं की जाएगी। इसे लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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- भूपेंद्र अत्री, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, शिमला।
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एससीपी को सीटें उपलब्ध करवाना भी अनिवार्य
विशेष श्रेणी यात्री (स्पेशल कैटेगरी पैसेंजर) को बसों में सीटें उपलब्ध करवाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। बसों के भीतर लिख कर अथवा स्टीकर लगा कर इसे लेकर सूचित भी करना होगा। प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर बसों में बाई ओर की सभी सीटें विशेष श्रेणी यात्रियों (वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, कैंसर पेशेंट और बच्चे) के लिए आरक्षित करने के आदेश जारी किए थे। आरक्षित सीटें पात्र यात्रियों को उपलब्ध करवाने का जिम्मा बसों के ड्राइवर कंडक्टरों को सौंपा गया है, यात्री को सीट उपलब्ध न करवा पाने की स्थिति में किराया लौटाने का भी प्रावधान किया गया है।
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शिमला। शहर के प्राइवेट बस ऑपरेटरों को गाड़ियों के बाहर बस का टाइम टेबल प्रदर्शित करना होगा। बसों की कंडक्टर साइड में अगले दरवाजे के पास बस का टाइम टेबल चस्पां करना होगा। टाइम टेबल के अनुसार ही बसें रूटों पर चलेंगी, जिससे यात्रियों को भी फायदा होगा।
बस ऑपरेटरों को अपनी गाड़ियों की पासिंग से पहले बसों पर टाइम टेबल प्रदर्शित करना होगा। परिवहन विभाग की ओर से इसे लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं। बसों की पासिंग के समय अनिवार्य रूप से बस का टाइम टेबल जांचा जाएगा। अगर किसी बस में टाइम टेबल चस्पां नहीं पाया गया तो संबंधित बस की पासिंग नहीं की जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद टाइम टेबल को लेकर बस आपरेटरों के बीच होने वाले विवाद से छुटकारा मिलेगा। मौजूदा समय में टाइम टेबल को लेकर अकसर प्राइवेट बसों के ड्राइवर कंडक्टर आपस में भिड़ जाते हैं। बसों में टाइम टेबल न होने के कारण विवाद सुलझने में लंबा समय लग जाता है। बसों में टाइम टेबल चस्पां होने के बाद विवाद की आशंका नहीं रहेगी। बस पर चस्पां टाइम टेबल देख कर ही साफ हो जाएगा कि किस बस की क्या टाइमिंग है।
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बसों में टाइम टेबल प्रदर्शित करना अनिवार्य
बसों में अनिवार्य रूप से टाइम टेबल प्रदर्शित करना होगा। टाइम टेबल प्रदर्शित न होने की स्थिति में बस की पासिंग नहीं की जाएगी। इसे लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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- भूपेंद्र अत्री, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, शिमला।
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एससीपी को सीटें उपलब्ध करवाना भी अनिवार्य
विशेष श्रेणी यात्री (स्पेशल कैटेगरी पैसेंजर) को बसों में सीटें उपलब्ध करवाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। बसों के भीतर लिख कर अथवा स्टीकर लगा कर इसे लेकर सूचित भी करना होगा। प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर बसों में बाई ओर की सभी सीटें विशेष श्रेणी यात्रियों (वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, कैंसर पेशेंट और बच्चे) के लिए आरक्षित करने के आदेश जारी किए थे। आरक्षित सीटें पात्र यात्रियों को उपलब्ध करवाने का जिम्मा बसों के ड्राइवर कंडक्टरों को सौंपा गया है, यात्री को सीट उपलब्ध न करवा पाने की स्थिति में किराया लौटाने का भी प्रावधान किया गया है।