हिमाचल में खुलेंगे क्रिकेट के 70 सब सेंटर, युवाओं को मिलेगी कोचिंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन अब गली-मोहल्लों में क्रिकेट खिलाड़ी तलाशेगी। इसके लिए शहरों से निकलकर एचपीसीए ग्रामीण, दुर्गम और पिछड़े क्षेत्रों में दस्तक देगी।
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की बैठक में आजादी के 70 साल के उपलक्ष्य पर हिमाचल एट-70, एचपीसीए एट-70 एंड क्रिकेट एट-70 की घोषणा की गई है। इसके तहत प्रदेश में 70 क्रिकेट सब सेंटर खोले जाएंगे।
इसमें जहां युवाओं को क्रिकेट की कोचिंग दी जाएगी। साथ ही पूर्व क्रिकेटरों और युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। एचपीसीए की बैठक के बाद डायरेक्टर अनुराग ठाकुर ने बताया कि प्रदेश भर में स्कूलों, कॉलेजों सहित अन्य शिक्षण संस्थानों या ब्लॉक स्तर पर कोई भी संस्था सब सेंटर खोलने के लिए एचपीसीए को आवेदन कर सकती है।
इन सब सेंटरों में ट्रेनिंग देने के लिए जहां 70 कोच नियुक्त किए जाएंगे। इसमें फर्स्ट क्लास क्रिकेट प्लेयर सहित इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले नेशनल खिलाड़ियों को तवज्जो दी जाएगी। वहीं इन कोच को ट्रेंड करने के लिए एक सेंट्रल डायरेक्टर एंड सीनियर कोच रहेगा।
इस पद पर पूर्व क्रिकेटर विक्रम राठौर की नियुक्ति कर दी गई है। इसके अलावा धर्मशाला स्टेडियम में अंपायर, फिजियोथेरपिस्ट, मैच रेफरी सहित अन्य विशेषज्ञों को ट्रेनिंग देकर तैयार करके एचपीसीए के सब सेंटर में उन्हें नियुक्ति दी जाएगी। इस मौके पर एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा और सदस्य अतर सिंह नेगी मौजूद रहे।
हिमाचल को रणजी चैंपियन बनाने की कसरत
प्रदेश में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए जिला संघों को क्लब क्रिकेट टूर्नामेंट करवाने सहित हमीरपुर और बिलासपुर में क्रिकेट हास्टल भी बनाया जाएगा। यह सभी फैसले इसलिए लिए गए हैं क्योंकि हिमाचल रणजी टीम ने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए सेमिफाइनल तक तो पहुंच बना ली है। लेकिन, अभी तक चैंपियन नहीं बन पाई है। भविष्य में हिमाचल टीम रणजी की चैंपियन बने, इसके लिए यह सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
दिसंबर में होने वाले वन-डे को लेकर लेंगे सुझाव
धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में दस दिसंबर को प्रस्तावित भारत-श्रीलंका के एक दिवसीय मैच के सफल आयोजन को लेकर प्रदेश की जनता से सुझाव मांगे जाएंगे। प्रदेश की जनता सोशल मीडिया सहित अन्य साधनों से एचपीसीए को सुझाव दे सकती है।
मैं नहीं, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह गपोड़ शंख
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि मैं नहीं, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह स्वयं गपोड़ शंख हैं। इसका प्रमाण यह है कि मैंने 2002 में धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम की नींव रखी, 2004 में पहला मैच करवाया, जबकि 2005 में भारत-पाकिस्तान मैच का आयोजन हुआ। उस समय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा था कि शिमला में धर्मशाला से बड़ा स्टेडियम बनाएंगे।
अब तक शिमला में स्टेडियम का निर्माण नहीं हो सका है। वीरभद्र सिंह के चुनावों में हार पर प्रदेश छोड़ने की बात पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता सीएम वीरभद्र सिंह को इस बार राजनीति से बाहर करेगी, जबकि हिमाचल से बाहर जाने का वीरभद्र सिंह ने स्वयं मन बना लिया है।