हिमाचल के 69 एनएच अभी पीएमओ से स्वीकृत नहीं: गडकरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में दाखिल होने के लिए दो अहम रास्तों कालका-शिमला और आनंदपुर-मनाली नेशनल हाईवे का बचा हुआ काम निर्माण करने वाली पुरानी एजेंसियों को हटाकर अब नई एजेंसियां करेंगी। इन एजेंसियों को टेंडर के जरिये काम आवंटित किया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ‘अमर उजाला’ के वेबीनार के दौरान दी। अमर उजाला के संपादक ने सवाल किया कि जो भी पर्यटक इन रास्तों से हिमाचल आता है, वह बेहद खराब अनुभव के साथ वापस जाता है। लोग चार साल से जस के तस पड़े हाईवे के काम को लेकर भी हैरान रहते हैं।
ऐसे में इस काम के कब तक पूरा होने की संभावना है। इस पर गडकरी ने बताया कि दोनों ही सड़कों के काम में कई अड़चनें हैं। कहीं समय से भू-अधिग्रहण नहीं हो पा रहा तो कहीं फॅारेस्ट क्लीयरेंस या अवैध अतिक्रमण वजह बना है। यही वजह है कि शिमला-कालका फोरलेन का काम करने वाली दो कंपनियां काम पूरा करने से पहले ही हाथ खड़े कर चुकी हैं। इनमें से एक नामी कंपनी तो दीवालिया तक घोषित हो चुकी है। एक कंपनी का तो डेढ़ सौ करोड़ सरकार जब्त कर चुकी है। गडकरी ने कहा कि दोनों ही सड़कों के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से कई बैठकें हुई हैं, जिसके बाद अब काम में तेजी आई है।
चीन बॉर्डर तक जाने वाली सड़क का जिम्मा प्रदेश सरकार के निवेदन पर दिया
जल्द ही इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय को एक प्रेजेंटेशन दी जाएगी। उसके बाद वहां से क्लीयरेंस मिलते ही इन हाईवे को लेकर काम आगे बढ़ पाएगा।नितिन गडकरी ने बताया कि किन्नौर से चीन बॉर्डर तक जाने वाली सड़क की देखरेख के लिए प्रदेश सरकार के निवेदन पर ही बीआरओ से सड़क लेकर उन्हें दी गई है। ऐसे में वहां अगर कोई समस्या है तो उसे प्रदेश सरकार ही सुलझा पाएगी।