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Shimla News: चोरी के मामले में 66 हजार का हर्जाना रखा बरकरार
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शिमला। राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने दुकान में हुई चोरी के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति इंद्र सिंह मेहता और सदस्य योगिता दत्ता की पीठ ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की सेवा में कमी मानते हुए जिला आयोग द्वारा लगाए 66 हजार रुपये के मुआवजे को सही ठहराया है और बैंक की अपील खारिज कर दी है।
एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी की अपील को स्वीकार करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा तय 3.30 लाख रुपये की बीमा राशि को घटाकर सर्वेयर की रिपोर्ट के अनुसार 25,780 रुपये (नौ फीसदी ब्याज सहित) करने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता सुनील कुमार (प्रोप्राइटर, मैसर्स पारस इलेक्ट्रॉनिक्स सेल्स, नादौन, हमीरपुर) ने अपनी दुकान के संचालन के लिए एसबीआई से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 3 लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण की शर्तों के अनुसार बैंक के माध्यम से दुकान के स्टॉक का 3.30 लाख रुपये का बर्गरली इंश्योरेंस (सेंधमारी/चोरी बीमा) कराया था। 11 और 12 जून 2016 की दरम्यानी रात दुकान के ताले तोड़कर चोर एलईडी टीवी सहित अन्य सामान चुरा ले गए जिसकी कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई थी। घटना के बाद जब शिकायतकर्ता ने क्लेम दाखिल किया तो बीमा कंपनी ने जरूरी दस्तावेज न मिलने और दुकान के पते में विसंगति का हवाला देते हुए क्लेम खारिज कर दिया।
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एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी की अपील को स्वीकार करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा तय 3.30 लाख रुपये की बीमा राशि को घटाकर सर्वेयर की रिपोर्ट के अनुसार 25,780 रुपये (नौ फीसदी ब्याज सहित) करने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता सुनील कुमार (प्रोप्राइटर, मैसर्स पारस इलेक्ट्रॉनिक्स सेल्स, नादौन, हमीरपुर) ने अपनी दुकान के संचालन के लिए एसबीआई से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 3 लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण की शर्तों के अनुसार बैंक के माध्यम से दुकान के स्टॉक का 3.30 लाख रुपये का बर्गरली इंश्योरेंस (सेंधमारी/चोरी बीमा) कराया था। 11 और 12 जून 2016 की दरम्यानी रात दुकान के ताले तोड़कर चोर एलईडी टीवी सहित अन्य सामान चुरा ले गए जिसकी कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई थी। घटना के बाद जब शिकायतकर्ता ने क्लेम दाखिल किया तो बीमा कंपनी ने जरूरी दस्तावेज न मिलने और दुकान के पते में विसंगति का हवाला देते हुए क्लेम खारिज कर दिया।
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