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Shimla News: एचपीयू में 600 पद खाली, 20 कर्मचारी और होंगे सेवानिवृत्त
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हर महीने सेवानिवृत्त हो रहे तीन से चार कर्मचारी
विश्वविद्यालय की विभिन्न शाखाओं में कामकाज का दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में गैर शिक्षक कर्मचारियों की कमी के बीच अगले साल 20 अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जनवरी से दिसंबर तक सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची जारी कर दी है। विश्वविद्यालय में गैर शिक्षक कर्मचारियों के करीब 600 पद खाली पड़े हैं।
ऐसे में पहले से खाली पड़े पदों के बीच कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति से विश्वविद्यालय की विभिन्न शाखाओं में कामकाज का दबाव और बढ़ने की आशंका है।
रिपोर्ट में बताया था कि हर महीने औसतन तीन से चार कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वर्ष 2020 से रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया लंबित रहने के कारण कर्मचारियों की कमी लगातार बढ़ती गई है।विश्वविद्यालय की ओर से 28 अक्तूबर को जारी अधिसूचना के अनुसार जनवरी में अनुभाग अधिकारी मोहन लाल और डिग्री सेल के अधीक्षक रणजू शर्मा सेवानिवृत्त होंगे। फरवरी में निजी सचिव सुनीता देवी शर्मा और सहायक कुलसचिव प्रेम राज सेवानिवृत्त होंगे।
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मार्च में विशेष निजी सचिव लाभ चंद और उमा कांत गैरोला, सहायक कुलसचिव आशा शर्मा, उप कुलसचिव सुशील कुमार और संयुक्त निदेशक दलेल सिंह सेवानिवृत्त होंगे। अप्रैल में वरिष्ठ निजी सचिव काबुल सिंह और अनुभाग अधिकारी बिशंभर सिंह सेवानिवृत्त होंगे। मई में अनुभाग अधिकारी राज कुमार और वरिष्ठ सहायक कुशल सिंह की सेवानिवृत्ति होगी। जुलाई में पुस्तकालय उपाध्यक्ष मदन लाल शर्मा सेवानिवृत्त होंगे। सितंबर में अधिशासी अभियंता संजय कुमार, वरिष्ठ व्यावसायिक सहायक विकास सहगल और सहायक अभियंता मोहिंदर पाल सेवानिवृत्त होंगे। अक्तूबर में अनुभाग अधिकारी बुद्धि राम और अधीक्षक रमेश चंद वर्मा सेवानिवृत्त होंगे। दिसंबर में अधीक्षक मोलू राम सेवानिवृत्त होंगे।
मंजूरी के बाद भी भर्ती पर नजर
रिक्त पदों को भरने का मामला विश्वविद्यालय में पहले भी उठता रहा है। कार्यकारिणी परिषद ने गैर शिक्षक कर्मचारियों के 75 पद भरने को मंजूरी दी थी। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर कर्मचारी संगठनों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की थी। विवि में कर्मचारियों की कमी का असर प्रशासनिक और तकनीकी कामकाज पर भी पड़ रहा है।
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विश्वविद्यालय की विभिन्न शाखाओं में कामकाज का दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में गैर शिक्षक कर्मचारियों की कमी के बीच अगले साल 20 अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जनवरी से दिसंबर तक सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची जारी कर दी है। विश्वविद्यालय में गैर शिक्षक कर्मचारियों के करीब 600 पद खाली पड़े हैं।
ऐसे में पहले से खाली पड़े पदों के बीच कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति से विश्वविद्यालय की विभिन्न शाखाओं में कामकाज का दबाव और बढ़ने की आशंका है।
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रिपोर्ट में बताया था कि हर महीने औसतन तीन से चार कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वर्ष 2020 से रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया लंबित रहने के कारण कर्मचारियों की कमी लगातार बढ़ती गई है।विश्वविद्यालय की ओर से 28 अक्तूबर को जारी अधिसूचना के अनुसार जनवरी में अनुभाग अधिकारी मोहन लाल और डिग्री सेल के अधीक्षक रणजू शर्मा सेवानिवृत्त होंगे। फरवरी में निजी सचिव सुनीता देवी शर्मा और सहायक कुलसचिव प्रेम राज सेवानिवृत्त होंगे।
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मार्च में विशेष निजी सचिव लाभ चंद और उमा कांत गैरोला, सहायक कुलसचिव आशा शर्मा, उप कुलसचिव सुशील कुमार और संयुक्त निदेशक दलेल सिंह सेवानिवृत्त होंगे। अप्रैल में वरिष्ठ निजी सचिव काबुल सिंह और अनुभाग अधिकारी बिशंभर सिंह सेवानिवृत्त होंगे। मई में अनुभाग अधिकारी राज कुमार और वरिष्ठ सहायक कुशल सिंह की सेवानिवृत्ति होगी। जुलाई में पुस्तकालय उपाध्यक्ष मदन लाल शर्मा सेवानिवृत्त होंगे। सितंबर में अधिशासी अभियंता संजय कुमार, वरिष्ठ व्यावसायिक सहायक विकास सहगल और सहायक अभियंता मोहिंदर पाल सेवानिवृत्त होंगे। अक्तूबर में अनुभाग अधिकारी बुद्धि राम और अधीक्षक रमेश चंद वर्मा सेवानिवृत्त होंगे। दिसंबर में अधीक्षक मोलू राम सेवानिवृत्त होंगे।
मंजूरी के बाद भी भर्ती पर नजर
रिक्त पदों को भरने का मामला विश्वविद्यालय में पहले भी उठता रहा है। कार्यकारिणी परिषद ने गैर शिक्षक कर्मचारियों के 75 पद भरने को मंजूरी दी थी। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर कर्मचारी संगठनों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की थी। विवि में कर्मचारियों की कमी का असर प्रशासनिक और तकनीकी कामकाज पर भी पड़ रहा है।