फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   60 percent apple garden in upper Shimla affected with scab

स्कैब की चपेट में ऊपरी शिमला के 60 प्रतिशत सेब बगीचे

Wed, 15 Jul 2020 05:57 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, रोहडू
अमर उजाला नेटवर्क, रोहडू Published by: Krishan Singh Updated Wed, 15 Jul 2020 05:57 PM IST
विज्ञापन
60 percent apple garden in upper Shimla affected with  scab
बगीचों में स्कैब रोग - फोटो : अमर उजाला

शिमला के सेब उत्पादक क्षेत्रों में करीब 60 प्रतिशत बगीचों में स्कैब रोग का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। करीब दो माह से बगीचों में इस रोग का प्रकोप है। कई बगीचों में सेब के फल-पत्तियां बीमारी के प्रभाव से खराब हो चुके हैं। बीमारी की रोकथाम के लिए दवाइयों के अधिक छिड़काव से सेब की उत्पादन लागत भी बढ़ रही है। इससे पहले 1983 में स्कैब की बीमारी सेब की पूरी फसल तबाह कर चुकी है। बागवानों को हजारों टन सेब नालों में फेंकना पड़ा था। उस दौरान ही बागवानों को संकट से उबारने के लिए पहली बार सरकार ने सेब का समर्थन मूल्य शुरू किया था।

विज्ञापन


एक बगीचे से दूसरे में फैलती है बीमारी
बागवानी विशेषज्ञ एवं जिला कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. नरेंद्र कायथ का कहना है कि ऊपरी शिमला के सेब बहुल क्षेत्रों में 60 फीसदी बगीचों में इस रोग का प्रभाव है। इसका नियंत्रण प्रथम अवस्था में ही किया जाना चाहिए। यह रोग धीरे-धीरे पूरे बगीचे में फैल जाता है। इसके बाद आसपास के बगीचों में संक्रमण बढ़ता है। इससे फल और पत्तियों का विकास रुक जाता है। इसका प्रभाव अगले साल की फसल पर भी पड़ता है।
विज्ञापन


एक फंगस की तरह होता है स्कैब रोग 
सेब में लगने वाला स्कैब रोग एक प्रकार का फंगस है। रोग कभी बारिश और कभी धूप की वजह से शुरू होता है। जल्द इस पार काबू नहीं पाया जाता है तो यह फल और पत्तियों पर बड़े आकार के काले धब्बे के रूप में दिखता है। विशेषज्ञ का कहना है कि स्कैब रोग से बचाव के लिए समय पर फफूंदनाशक का प्रयोग किया जाना चाहिए। सलाह दी कि तौलियों में घास को न उगने दें। बगीचों में हवा और प्रकाश के आदान-प्रदान की उचित व्यवस्था करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर केंद्र में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध कराए सरकार : हरीश 
फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरीश चौहान का कहना है कि बागवानों के लिए इस साल स्कैब का फैलना खतरे की घंटी है। इस पर नियंत्रण जरूरी है। सरकार से भी हर केंद्र में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed