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गजब! यहां पांच बच्चों को पढ़ा रहे छह टीचर

Wed, 17 Sep 2014 08:12 AM IST
Updated Wed, 17 Sep 2014 08:12 AM IST
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6 teachers for 5 students in badagaon school.

हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों भारी कमी चल रही है। कई स्कूल महज एक शिक्षक के सहारे ही चल रहे हैं। ऐसे में यदि एक बच्चे पर एक शिक्षक की तैनाती हो तो हैरानी होगी ही।

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जी हां, जनपद बिलासपुर के तहत बरठीं से सटे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड़गांव में शिक्षा विभाग का ऐसा ही कारनामा सामने आया है। यहां एक छात्र को पढ़ाने के लिए सरकार ने एक शिक्षक की तैनाती की है।
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जमा एक की कक्षा में यहां पांच छात्रों ने एडमिशन लिया है। जिन्हें पढ़ाने के लिए सरकार ने पांच शिक्षकों की तैनाती कर दी है। स्कूल के प्रबंधन के लिए बाकायदा प्रधानाचार्य की भी नियुक्ति की है। सोमवार को यहां प्रधानाचार्य ने अपनी ज्वाइनिंग दी है।

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इसी साल किया गया अपग्रेड

6 teachers for 5 students in badagaon school.

दरअसल, हाई स्कूल बड़गांव को इसी साल अपग्रेड कर सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा दिया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक जमा एक की कक्षाएं अप्रैल में ही शुरू हो गई थी। लेकिन, यहां जुलाई महीने में ही स्टाफ तैनात हुआ।

इससे पहले विद्यार्थियों ने दूसरे स्कूलों में एडमिशन ले ली थी। ऐसे में यहां महज पांच ही एडमिशन हुई है। अंगेजी, राजनीति शास्त्र, हिंदी, इतिहास तथा आईटी टीचर की यहां तैनाती कर दी गई। हालांकि, क्षेत्र में जनसंख्या को देखते हुए काफी दाखिले होने की संभावना थी लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

लगभग दो किलोमीटर दूर बरठीं में भी सीसे स्कूल है। जहां बच्चों को मनमाफिक विषय चुनने का भी विकल्प है। ऐसे में रिजनों ने अपने बच्चों का दाखिला बरठीं में करवाने को अधिक तरजीह दी।

28 प्राइमरी और छह सीसे स्कूलों में नहीं मुखिया

6 teachers for 5 students in badagaon school.

शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भारी कमी है। प्राइमरी स्कूलों को लें तो यहां शिक्षकों की भारी कमी चल रही है। कुल 591 में से 28 स्कूल ऐसे हैं जहां हैड टीचर के पद खाली चल रहे हैं। जबकि चार पद सीएचटी के भी खाली है। सीसे स्कूलों का भी यही हाल है। जिले के लगभग छह स्कूलों में प्रधानाचार्य ही नहीं है।

स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान सुषम सिंह चंदेल ने बताया कि क्षेत्र के बच्चे बरठीं स्कूल में दाखिला ले चुके थे। जिस वजह से दाखिले में कमी रही है। जबकि स्कूल प्रधानाचार्य दया राम का कहना है कि बच्चों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पहले लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते स्टाफ की तैनाती नहीं हुई थी। जब हुई तो सत्र शुरू हो चुका था। अगले सेशन से यहां बच्चों की संख्या बढ़ जाएगी। उधर, उप निदेशक प्रीतम सिंह ढटवालिया का कहना है कि यह मामला गंभीर है। बच्चों की इतनी कम संख्या नहीं होनी चाहिए थी। यह जांच का विषय है। वह स्वयं स्कूल का दौरा कर इसके कारणों का पता लगाएंगे।

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