हिमाचल में इन श्रेणियों के 57 हजार पद रिक्त, पटवारी भर्ती की फीस नहीं होगी माफ
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में बताया है कि पटवारी भर्ती में फीस माफ करने से संबंधित कोई भी मामला सरकार के विचाराधीन नहीं है। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पटवारी भर्ती के लिए कुल 3,04,955 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें कुल फीस 6,85,58,038 रुपये प्राप्त हुए। बता दें कि पटवारी भर्ती पर लगे गड़बड़झाले के आरोप के बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 57 हजार पद रिक्त
हिमाचल में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 57 हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं। बल्ह के विधायक इंद्र सिंह के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सरकारी विभागों में तृतीय श्रेणी के रिक्त पदों की संख्या 43,777 और चतुर्थ श्रेणी के 13,902 पद रिक्त हैं। सीधी भर्ती द्वारा रिक्त पदों को भरने के लिए विभिन्न विभाग प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग व भूतपूर्व सैनिक प्रकोष्ठ आदि भर्ती संस्थाओं से मामले उठा रहे हैं। विभिन्न विभागों में 15,315 पदों तथा बोर्ड/निगमों में चार हजार पदों को भरने की सरकार ने स्वीकृति दी है। पदोन्नति की प्रक्रिया से भी रिक्तियां भरी जा रही हैं।
विभागों को दिए जाएंगे 349 अप्रयुक्त भवन
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया है कि 31 जुलाई 2019 तक विभिन्न विभागों में कुल 349 भवन अप्रयुक्त पड़े हैं। सरकार इन अप्रयुक्त भवनों में से जो मरम्मत के योग्य हैं, उनकी मरम्मत का कार्य करवा रही है। शेष भवन जो मरम्मत के योग्य नहीं हैं, उनको गिराकर नए भवन बनाने के लिए प्राकलन की कार्रवाई जारी है।
सरकाघाट के विधायक कर्नल इंद्र सिंह के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रयास कर रही है कि ऐसे भवन जो अभी इस्तेमाल में नहीं हैं लेकिन जिनकी वर्तमान स्थिति ठीक है उनके उचित प्रयोग के लिए संबंधित उपायुक्तों के माध्यम से संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 349 अप्रयुक्त भवनों में से सबसे अधिक 107 भवन प्राइमरी स्कूल हैं। इन्हें आंगनबाड़ी और पंचायत घरों को दिया जा रहा है।
दिल्ली से मनाली और धर्मशाला चल रहीं प्राइवेट वोल्वो बसें
परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि दिल्ली से प्राइवेट वोल्वो बसें कांट्रेक्ट कैरियर के तौर पर मनाली धर्मशाला व अन्य पर्यटन स्थलों के लिए चल रही हैं। ये बसें केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 88 (9) धारा 74 व केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 82 के तहत चलाई जा रही हैं, जिनके द्वारा निर्धारित टैक्स अदा किया जा रहा है। यह स्टेट कैरियर की तरह नहीं चल सकती हैं। उन्होंने यह जानकारी नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।