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बोरवेल नहीं हुए बंद
Updated Thu, 31 May 2018 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद शहर में चल रहे बोरवेल बंद नहीं हुए हैं। बोरवेल से पानी की सप्लाई वीरवार को भी जारी रही। वीरवार को कार्रवाई करने ग्रेटर शिमला वाटर सप्लाई एंड सीवरेज सर्कल का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
एसडीएम शिमला नीरज चांदला की अगुवाई में बुधवार को जिला प्रशासन की टीम ने टूटीकंडी बाईपास पर बोरवेल सील करने का दावा किया था। एसडीएम ने दावा किया था कि बोरवेल संचालक मांगने पर दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इसके बाद उपायुक्त शिमला को कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपी गई थी। उधर वीरवार को टूटीकंडी बाईपास पर संचालित हो रहे बोरवेल बदस्तूर जारी रहे। हालांकि दिन के समय यहां टैंकरों में पानी नहीं भरा गया।
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प्रशासन ने हमसे नहीं मांगे दस्तावेज : राघव
बोरवेल संचालक राघव सूद का कहना है कि उनसे किसी ने दस्तावेज नहीं मांगे। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अपनी मलकीयत में बोरवेल लगाया है। हम लोगों को सेवा दे रहे हैं और इसके एवज में महज खर्चा वसूल रहे हैं।
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आईपीएच और नगर निगम से ली है अनुमति : अर्पण
राजवीर मोटर संचालक अर्पण सूद का कहना है कि कमर्शियल यूज के लिए आइपीएच, नगर निगम से परमिशन के बाद अपनी जमीन पर बोरवैल लगाया है। जिला प्रशासन के आग्रह पर उन्हें टैंकर भी दिए थे। हमारे पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं।
परमिशन की फोटो खींच कर ले गए : आलोक
ओम सर्विस स्टेशन के संचालक पूर्व कांग्रेसी पार्षद आलोक पठानिया ने बताया कि परमिशन लेने के बाद ही बोरवेल लगाया है। एसडीएम और जेई परमिशन की फोटो खींच कर ले गए थे। मुश्किल समय में पानी मिल सके इसी लिए बोरवेल लगाया है।
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शिमला। जिला प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद शहर में चल रहे बोरवेल बंद नहीं हुए हैं। बोरवेल से पानी की सप्लाई वीरवार को भी जारी रही। वीरवार को कार्रवाई करने ग्रेटर शिमला वाटर सप्लाई एंड सीवरेज सर्कल का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
एसडीएम शिमला नीरज चांदला की अगुवाई में बुधवार को जिला प्रशासन की टीम ने टूटीकंडी बाईपास पर बोरवेल सील करने का दावा किया था। एसडीएम ने दावा किया था कि बोरवेल संचालक मांगने पर दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इसके बाद उपायुक्त शिमला को कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपी गई थी। उधर वीरवार को टूटीकंडी बाईपास पर संचालित हो रहे बोरवेल बदस्तूर जारी रहे। हालांकि दिन के समय यहां टैंकरों में पानी नहीं भरा गया।
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प्रशासन ने हमसे नहीं मांगे दस्तावेज : राघव
बोरवेल संचालक राघव सूद का कहना है कि उनसे किसी ने दस्तावेज नहीं मांगे। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अपनी मलकीयत में बोरवेल लगाया है। हम लोगों को सेवा दे रहे हैं और इसके एवज में महज खर्चा वसूल रहे हैं।
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आईपीएच और नगर निगम से ली है अनुमति : अर्पण
राजवीर मोटर संचालक अर्पण सूद का कहना है कि कमर्शियल यूज के लिए आइपीएच, नगर निगम से परमिशन के बाद अपनी जमीन पर बोरवैल लगाया है। जिला प्रशासन के आग्रह पर उन्हें टैंकर भी दिए थे। हमारे पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं।
परमिशन की फोटो खींच कर ले गए : आलोक
ओम सर्विस स्टेशन के संचालक पूर्व कांग्रेसी पार्षद आलोक पठानिया ने बताया कि परमिशन लेने के बाद ही बोरवेल लगाया है। एसडीएम और जेई परमिशन की फोटो खींच कर ले गए थे। मुश्किल समय में पानी मिल सके इसी लिए बोरवेल लगाया है।