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कनलोग में फूटा लोगों का गुस्सा, बोले-टैक्स के बदले हमें पिला रहे सीवेज
Updated Fri, 25 May 2018 11:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मेयर मैडम... टैक्स के बदले निगम वाले हमें सीवरेज पिला रहे हैं। छह दिन से पानी तो दे नहीं पा रहे लेकिन जो टैंकर यहां भेज रहे हैं, वे भी बंदरबांट कर चंद लोगों की बाल्टियां भर रहे हैं। आखिर हमें कब पानी देंगे?
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे कनलोग पहुंची नगर निगम महापौर कुसुम सदरेट के सामने लोगों का गुस्सा फूट गया। इनका कहना था कि कुछ घरों में सीवेज आने के बाद से निगम ने बाकी घरों की सप्लाई भी रोक दी है। शिकायत करने पर निगम छोटा टैंकर तो यहां भेज रहा है लेकिन उससे भी चंद लोगों को ही पानी दिया जा रहा है। महापौर से पूछा कि आखिर इस इलाके में पानी की सप्लाई कब देंगे। लोगों की टंकियां छह दिन से खाली है। पीने तक को पानी नहीं बचा है। लोग नाले से पानी ढोने को मजबूर हो रहे हैं। शिकायत को फोन करो तो छोटा शिमला स्थित निगम के दफ्तर का फोन नहीं उठता।
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आठ घरों में सीवेज की सप्लाई, बिछेगी नई लाइन
स्थानीय लोगों ने महापौर को टंकियां दिखाई। लोगों ने बताया कि आठ घरों में सीवेज की सप्लाई दी गई है। स्थानीय निवासी सुनीता शांडिल, शारदा, वंदना, लता शांडिल ने कहा कि पूरे घर में बदबू फैल गई है। घर में पीने लायक पानी नहीं। निगम हमारे लिए अलग लाइन बिछाए। महापौर ने नई पाइप लाइन बिछाने का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
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आंगनबाड़ी में खाने के लिए ढो रहे पानी
यहां स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में भी पीने तक का पानी नहीं। बच्चों के खाने और पीने के लिए कार्यकर्ता साथ लगते घरों और नाले से पानी ढोती हैं। यहां तैनात कर्मचारी कला देवी ने बताया कि पिछले कुछ दिन से पानी न आने के कारण खाना बनाना तक मुश्किल हो रहा है। इस आंगनबाड़ी में दस बच्चे हैं।
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टैक्स के बदले सीवेज दे रहे
टैक्स चुकाने के बावजूद नगर निगम वाले हमें सीवेज की सप्लाई दे रहे हैं। घर में पीने लायक पानी नहीं। बिना पानी बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना मुश्किल हो रहा है- बुद्घि सिंह
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2. भेदभाव कर रहा नगर निगम
सीवेज आठ घरों में आया है, लेकिन निगम ने इलाके के सैकड़ों घरों की सप्लाई बंद कर दी है। जो टैंकर आ रहे हैं वे भी आठ घरों के लिए। क्या दूसरों को पानी नहीं चाहिए- पुष्पा शर्मा
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3. निगम की लापरवाही से पी रहे गंदा पानी
शहर में कई जगह सीवेज और पानी की लाइनें एक दूसरे से सटी हैं। जबकि इनमें कम से कम दो मीटर की दूरी होनी चाहिए। ये लाइनें भी फट चुकी हैं, जिससे गंदा पानी घरों में जा रहा है- सुभाष वर्मा
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बात अनसुनी कर गाड़ी में सवार हो गईं मेयर
कनलोग वार्ड के दौरे के दौरान पानी की समस्या पर एक महिला ने जब अपनी बात रखनी चाही तो मेयर ने उसे अनसुना कर दिया। महिला का आरोप था कि जब भी वार्ड में पानी का टैंकर आता है, बंदरबांट शुरू हो जाती है। उन्हें टैंकर का पानी नहीं मिलता। महिला अपनी बात मेयर को सुनाती रही, लेकिन मेयर ने अपने वाहन की खिड़की खोली और वहां से निकल गईं।
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नई लाइन बिछाने का काम जल्द पूरा करने को कहा है, साथ ही सीवेज और पेयजल लाइन अलग रखी जाएगी। अभी टैंकर भेजकर सप्लाई दे रहे हैं। जल्द किल्लत दूर होगी।
कुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम शिमला
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शिमला। मेयर मैडम... टैक्स के बदले निगम वाले हमें सीवरेज पिला रहे हैं। छह दिन से पानी तो दे नहीं पा रहे लेकिन जो टैंकर यहां भेज रहे हैं, वे भी बंदरबांट कर चंद लोगों की बाल्टियां भर रहे हैं। आखिर हमें कब पानी देंगे?
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे कनलोग पहुंची नगर निगम महापौर कुसुम सदरेट के सामने लोगों का गुस्सा फूट गया। इनका कहना था कि कुछ घरों में सीवेज आने के बाद से निगम ने बाकी घरों की सप्लाई भी रोक दी है। शिकायत करने पर निगम छोटा टैंकर तो यहां भेज रहा है लेकिन उससे भी चंद लोगों को ही पानी दिया जा रहा है। महापौर से पूछा कि आखिर इस इलाके में पानी की सप्लाई कब देंगे। लोगों की टंकियां छह दिन से खाली है। पीने तक को पानी नहीं बचा है। लोग नाले से पानी ढोने को मजबूर हो रहे हैं। शिकायत को फोन करो तो छोटा शिमला स्थित निगम के दफ्तर का फोन नहीं उठता।
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आठ घरों में सीवेज की सप्लाई, बिछेगी नई लाइन
स्थानीय लोगों ने महापौर को टंकियां दिखाई। लोगों ने बताया कि आठ घरों में सीवेज की सप्लाई दी गई है। स्थानीय निवासी सुनीता शांडिल, शारदा, वंदना, लता शांडिल ने कहा कि पूरे घर में बदबू फैल गई है। घर में पीने लायक पानी नहीं। निगम हमारे लिए अलग लाइन बिछाए। महापौर ने नई पाइप लाइन बिछाने का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
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आंगनबाड़ी में खाने के लिए ढो रहे पानी
यहां स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में भी पीने तक का पानी नहीं। बच्चों के खाने और पीने के लिए कार्यकर्ता साथ लगते घरों और नाले से पानी ढोती हैं। यहां तैनात कर्मचारी कला देवी ने बताया कि पिछले कुछ दिन से पानी न आने के कारण खाना बनाना तक मुश्किल हो रहा है। इस आंगनबाड़ी में दस बच्चे हैं।
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टैक्स के बदले सीवेज दे रहे
टैक्स चुकाने के बावजूद नगर निगम वाले हमें सीवेज की सप्लाई दे रहे हैं। घर में पीने लायक पानी नहीं। बिना पानी बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना मुश्किल हो रहा है- बुद्घि सिंह
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2. भेदभाव कर रहा नगर निगम
सीवेज आठ घरों में आया है, लेकिन निगम ने इलाके के सैकड़ों घरों की सप्लाई बंद कर दी है। जो टैंकर आ रहे हैं वे भी आठ घरों के लिए। क्या दूसरों को पानी नहीं चाहिए- पुष्पा शर्मा
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3. निगम की लापरवाही से पी रहे गंदा पानी
शहर में कई जगह सीवेज और पानी की लाइनें एक दूसरे से सटी हैं। जबकि इनमें कम से कम दो मीटर की दूरी होनी चाहिए। ये लाइनें भी फट चुकी हैं, जिससे गंदा पानी घरों में जा रहा है- सुभाष वर्मा
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बात अनसुनी कर गाड़ी में सवार हो गईं मेयर
कनलोग वार्ड के दौरे के दौरान पानी की समस्या पर एक महिला ने जब अपनी बात रखनी चाही तो मेयर ने उसे अनसुना कर दिया। महिला का आरोप था कि जब भी वार्ड में पानी का टैंकर आता है, बंदरबांट शुरू हो जाती है। उन्हें टैंकर का पानी नहीं मिलता। महिला अपनी बात मेयर को सुनाती रही, लेकिन मेयर ने अपने वाहन की खिड़की खोली और वहां से निकल गईं।
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नई लाइन बिछाने का काम जल्द पूरा करने को कहा है, साथ ही सीवेज और पेयजल लाइन अलग रखी जाएगी। अभी टैंकर भेजकर सप्लाई दे रहे हैं। जल्द किल्लत दूर होगी।
कुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम शिमला