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बादल फटने के एक माह बाद भी मुसीबतें कम नहीं
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:53 AM IST
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रामपुर बुशहर।
रामपुर उपमंडल के दुर्गम क्षेत्र सरपारा में बादल फटने की घटना के एक माह बाद भी प्रभावितों की उपेक्षा जारी है। इन प्रभावितों के जख्मों पर मरहम लगाना तो दूर बिजली, पानी और सड़क जैसी मूल सुविधा से भी वंचित रखा गया है। प्रभावितों ने सरकार को चेतावनी दी है यदि कि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वह घटना स्थल पर अनशन पर बैठेंगे। प्रभावितों ने इस संबंध में एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है। इसकी प्रति मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और मुख्य सचिव वीसी फारका को भी भेजकर तुरंत गंभीर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
भाजपा नेता प्रेम सिंह द्रैक और ग्राम केंद्र अध्यक्ष सरपारा के अध्यक्ष शंकर लाल के नेतृत्व में प्रभावितों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को एसडीएम निपुण जिंदल से मिला और इनकी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि सरपारा में बादल फटने के बाद से प्रभावितों को अपने ही हाल पर छोड़ दिया गया है। उनकी सुध लेने के लिए प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके का मुआयना करने नहीं पहुंचा है। इलाके में बिजली, पानी और सड़क आज दिन तक बहाल नहीं की जा सकी है। प्रभावितों को अभी तक फौरी राहत दो से छह हजार रुपये तक की दी गई थी लेकिन राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। नुकसान का आकलन तक नहीं किया गया। करीब नौ परिवारों को तिरपाल के नीचे रहना पड़ रहा है।
प्रभावितों ने मांग की है कि प्रभावितों को राहत राशि समेत सड़क, बिजली और पानी की सुविधाएं तत्काल दी जाएं। इसके अलावा उन्होंने खतरे की जद वाले मकानों में रह रहे लोगां को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए। प्रभावितों को छह माह का राशन, ऋण माफी, रोजगार देने, दस दस बीघा जमीन का आवंटन, मकान के लिए टीडी देने की मांग भी की गई है।
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रामपुर उपमंडल के दुर्गम क्षेत्र सरपारा में बादल फटने की घटना के एक माह बाद भी प्रभावितों की उपेक्षा जारी है। इन प्रभावितों के जख्मों पर मरहम लगाना तो दूर बिजली, पानी और सड़क जैसी मूल सुविधा से भी वंचित रखा गया है। प्रभावितों ने सरकार को चेतावनी दी है यदि कि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वह घटना स्थल पर अनशन पर बैठेंगे। प्रभावितों ने इस संबंध में एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है। इसकी प्रति मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और मुख्य सचिव वीसी फारका को भी भेजकर तुरंत गंभीर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
भाजपा नेता प्रेम सिंह द्रैक और ग्राम केंद्र अध्यक्ष सरपारा के अध्यक्ष शंकर लाल के नेतृत्व में प्रभावितों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को एसडीएम निपुण जिंदल से मिला और इनकी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि सरपारा में बादल फटने के बाद से प्रभावितों को अपने ही हाल पर छोड़ दिया गया है। उनकी सुध लेने के लिए प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके का मुआयना करने नहीं पहुंचा है। इलाके में बिजली, पानी और सड़क आज दिन तक बहाल नहीं की जा सकी है। प्रभावितों को अभी तक फौरी राहत दो से छह हजार रुपये तक की दी गई थी लेकिन राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। नुकसान का आकलन तक नहीं किया गया। करीब नौ परिवारों को तिरपाल के नीचे रहना पड़ रहा है।
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प्रभावितों ने मांग की है कि प्रभावितों को राहत राशि समेत सड़क, बिजली और पानी की सुविधाएं तत्काल दी जाएं। इसके अलावा उन्होंने खतरे की जद वाले मकानों में रह रहे लोगां को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए। प्रभावितों को छह माह का राशन, ऋण माफी, रोजगार देने, दस दस बीघा जमीन का आवंटन, मकान के लिए टीडी देने की मांग भी की गई है।
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