प्रदेश के कारोबारियों को सरकार का तोहफा, जानिए क्या मिला
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार जल्द एक करोड़ तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों के लिए डीम्ड असेसमेंट की सरल प्रणाली लागू करेगी।
इससे उन्हें आबकारी एवं कराधान विभाग के कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं रहेगी। उन्होंने यह बात पुन: गठित कारोबार कल्याण बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुई कही।
कहा कि माल ढुलाई की प्रक्रिया परेशानी मुक्त बनाने को पहले ही प्रदेश से बाहर जाने वाले वाहनों को रोकने से छूट दी गई है। प्रदेश में प्रवेश कर रहे ट्रकों, जिनके पास सामान की पूर्ण ऑनलाइन घोषणा होगी, बैरियर पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।
इसे सुनिश्चित बनाने को वैट में आवश्यक संशोधन किए हैं। व्यापारियों को अलग-अलग अधिनियमों में विभिन्न रिटर्न अपलोड करने की कठिनाई से बचाने को आबकारी एवं कराधान विभाग कॉमन लॉग इन आईडी उपलब्ध करवाएगा।
47 हजार छोटे व्यापारियों को दुर्घटना बीमा
इससे डीलर सभी रिटर्न अपलोड कर सकेंगे। एक अप्रैल से आठ लाख तक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को वैट अदायगी में छूट दी गई है।
सरकार को कर दे रहे 25 लाख तक कारोबार करने वाले लगभग 47 हजार छोटे व्यापारियों को दुर्घटना बीमा के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। इसी वर्ष से इनके लिए दो लाख का समूह दुर्घटना बीमा शुरू होगा।
इसका प्रीमियम सरकार देगी। अंतरराज्यीय व्यापारी भी एकमुश्त योजना के दायरे में लाए जाएंगे। ट्रकों और बसों की बॉडी के फेब्रिकेशन में वैट की मौजूदा दर 13.75 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत की जाएगी।
ऐसे निर्यातक जो औद्योगिक उत्पादन के लिए प्रदेश में ही निर्यात को खरीदारी करते हैं, उन्हें एक निर्धारित प्रपत्र जमा करवाकर वस्तु कर में छूट दी जाएगी। बोतल बंद पानी पर लगने वाले (सीजीसीआर) कर में कमी की जाएगी।
सरकार ने हाल ही में रज्जू मार्गों के निर्माण को मंजूरी दी है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके। गैर-सूचित उड़ानों पर एविएशन टरबाइन फ्यूल पर लगने वाला कर 27 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में लाने पर भी चर्चा
कारोबारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में लाने पर भी चर्चा की गई। गैर सरकारी सदस्यों के पंजीकृत कारोबारियों को अंशदान पेंशन योजना में लाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।
आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने विभागीय गतिविधियों का ब्योरा रखा। मुख्य सचिव विनीत चौधरी, प्रधान सचिव वित्त डा. श्रीकांत बाल्दी, प्रधान सचिव, आबकारी एवं कराधान आयुक्त जेसी चौहान आदि मौजूद रहे।