मंडी-अटारी एनएच की जद में आएंगे 450 भवन, काटे जाएंगे 803 पेड़
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पाकिस्तान के अटारी बॉर्डर से हिमाचल के मंडी जिले तक प्रस्तावित 265 किलोमीटर नेशनल हाईवे के बचे हुए शेष भाग का कार्य इसी साल शुरू होगा। इसके लिए 1100 करोड़ का अनुमानित बजट स्वीकृत हुआ है। नेशनल हाईवे विभाग ने हमीरपुर से मंडी जिले तक 124 किमी मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा कर लिया है। सड़क मार्ग को अधिग्रहण की जाने वाली भूमि के लिए थ्री-ए और थ्री-डी नोटिफिकेशन भी कर दी है। एनएच हमीरपुर मंडल के तहत हमीरपुर के ठाणा दरोगण से मंडी के सरकाघाट तक प्रस्तावित एनएच में 450 मकान, दुकानें व ढाबे आ रहे हैं।
इन्हें मुआवजा मिलने के बाद तुरंत हटाया जाएगा। इस मार्ग पर 803 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलेगी। इनमें 602 पेड़ डीपीएफ (डिमार्केटिड प्रोटेक्टड फारेस्ट) और 201 पेड़ सरकारी भूमि पर हैं। अधिसूचना के बाद अब प्रभावितों को जल्द मुआवजे का भुगतान किया जाएगा। किस परिवार की कितनी जमीन एनएच के दायरे में आ रही है और उसे कितना मुआवजा मिलना है, इसका आकलन किया जा रहा है। एनएच का कार्य अमृतसर से हमीरपुर के ठाणा दरोगण तक पूरा हो चुका है। अब ठाणा दरोगण से मंडी तक कार्य होना है। मार्ग के निर्माण की जद में आने वाले पेड़ों और भवनों की गिनती हो चुकी है। इसकी पुष्टि एसडीएम भोरंज डॉ. अमित शर्मा ने की।
नितिन गडकरी ने किया था एनएच का शिलान्यास
केंद्रीय भूतल एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बीते वर्ष इस मार्ग का शिलान्यास किया था। इसके बाद सरकार ने इस मार्ग के निर्माण के लिए सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए थे। यह मार्ग बनने के बाद भारतीय सेना को पाकिस्तान बॉर्डर से लेह तक पहुंचने में कुछ ही घंटे का समय लगेगा।
हमीरपुर के ठाणा दरोगण से मंडी तक भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। अब मुआवजे का कार्य बचा है। मुआवजे का भुगतान होते ही इस मार्ग का कार्य शुरू होगा।- ई. प्रमोद कश्यप, अधिशासी अभियंता, एनएच डिवीजन हमीरपुर