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स्कूल बस पास बढ़ोतरी मामला

Thu, 30 Aug 2018 11:13 PM IST
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:13 PM IST
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स्कूल बस पास बढ़ोतरी मामला
महंगे बस पास बनवाने को तैयार नहीं अभिभावक
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बिगड़ सकती है शहर की यातायात व्यवस्था
टैक्सियों और निजी गाड़ियों में बच्चों को स्कूल छोड़ेंगे परिजन
88 स्कूल बसों में रोजाना सफर करते हैं शहर के 3000 बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्कूल बस पास की दरों में एकमुश्त 50 फीसदी की गई बढ़ोतरी के बाद अधिकतर अभिभावकों ने अंतिम क्वार्टर के लिए बस पास बनवाने बंद कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि महंगे बस पास की जगह वे स्कूल टैक्सियां लगवा कर या फिर अपनी निजी गाड़ियों में बच्चों को स्कूल छोड़ेंगे। ऐसे में शहर की सड़कों पर सितंबर माह से स्कूल टाइम के दौरान यातायात बढ़ने की संभावना पैदा हो गई है। एक ओर जिला प्रशासन अभिभावकों से अपने बच्चों को स्कूल बसों में स्कूल भेजने का आग्रह कर रहा है, जिससे शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सके वहीं दूसरी ओर अब अभिभावक एचआरटीसी की स्कूल बसों का बहिष्कार करने का मन बना रहे हैं। शहर में एचआरटीसी की करीब 88 बसें स्कूल टाइम पर चलती हैं। इनमें करीब 3000 बच्चे आवाजाही करते हैं। अगर अभिभावक अपने बच्चों के पास नहीं बनवाते हैं और निजी गाड़ियों में बच्चों को स्कूल लाते ले जाते हैं तो शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या विकराल रूप धारण कर सकती है।
एचआरटीसी को पुनर्विचार करने के लिए लिखा : डीसी
स्कूल बस पास की दरों में बढ़ोतरी के मुद्दे पर शहर के अभिभावक मेरे पास आए थे। इसके बाद एचआरटीसी को पत्र लिख कर इस मसले पर बीओडी की बैठक बुला कर पुनर्विचार करने के लिए कहा गया था। अगर अभिभावक बच्चों को स्कूल बसों की जगह टैक्सियों और निजी गाड़ियों में स्कूल भेजते हैं तो स्कूल टाइम में ट्रैफिक की समस्या गहराएगी।
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अमित कश्यप, उपायुक्त शिमला

तीन दिन में बने महज 45 पास
एचआरटीसी की ओर से स्कूली बच्चों के बस पास की दरों में एकमुश्त 50 फीसदी बढ़ोतरी का व्यापक असर पड़ा है। बच्चों के अभिभावक अंतिम क्वार्टर के लिए पास नहीं बनवाना चाहते हैं। एचआरटीसी ने ओल्ड बस स्टैंड और संजौली बस पास काउंटर पर 27 अगस्त से पास बनवाने शुरू कर दिए हैं लेकिन पांच दिन में अभी तक महज 45 पास ही बन पाए हैं। पिछले साल अंतिम क्वार्टर के लिए पांच दिनों में ढाई हजार बच्चों के पास बन चुके थे।
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बरागटा की अगुवाई में सीएम से मिलने की तैयारी
शिमला शहर के पूर्व विधायक और पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा की अगुवाई में महंगे स्कूल बस पास के मसले पर शहर के अभिभावक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलने की तैयारी कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि उपायुक्त शिमला, एमडी एचआरटीसी और शिक्षा मंत्री सेे पहले ही इस मामले पर गुहार लगाई जा चुकी है। नरेंद्र बरागटा अगर मुख्यमंत्री के समक्ष अभिभावकों की बात रखते हैं तो जरूर राहत मिलेगी।

बढ़ी दरें वापस न लीं तो करेंगे आंदोलन : सिंघा
शिमला। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने स्कूल बस पास की दरें तुरंत वापस न लेने की सूरत में अभिभावकों के साथ मिलकर आंदोलन खड़ा करने का एलान कर दिया है। सिंघा का कहना है कि बच्चों के स्कूल बस पास की दरों में 50 से 80 फीसदी की बढ़ोतरी पूरी तरह असंवैधानिक है। सरकार को इसे लेकर कैबिनेट में चर्चा करनी चाहिए थी। नेता विपक्ष से भी इस मामले पर बात की जाएगी। राकेश सिंघा ने बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के तुरंत बाद प्वाइंट ऑफ ऑर्डर लेकर सदन में कहा कि राज्य मंत्रिमंडल के फैसले के बगैर ही सरकार ने शिमला के स्कूली बच्चों पर टैैक्स लगाया है, जो सही नहीं है। उन्होंने इस पर सरकार से जवाब मांगा लेकिन स्पीकर डॉ. राजीव बिंदल ने इसके लिए अलग से नोटिस देने की बात कही थी। उधर, नगर निगम के पूर्व महापौर और सीपीआईएम के जिला महासचिव संजय चौहान, जनवादी महिला समिति की जिला सचिव फालमा चौहान और शिमला नागरिक सभा के सचिव कपिल शर्मा ने भी बस पास की दरें 50 फीसदी बढ़ाने पर प्रदेश सरकार की निंदा की है और तुरंत बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की है।
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