39 हजार आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्परों का बढ़ा मानदेय
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हिमाचल प्रदेश में कार्यरत 39 हजार से अधिक आंगनबाड़ी हेल्पर्स और वर्कर्स के मानदेय में केंद्र सरकार ने बढ़ोतरी की है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानदेय में 750 और 1500 रुपये की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है।
वर्कर को अब 4400 के बजाय 5900 जबकि हेल्पर को 2150 के बजाय 2900 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। आंगनबाड़ी हेल्पर और वर्कर्स की राज्य यूनियन ने इस बढ़ोतरी को संघर्ष की जीत करार दिया है।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन संबंधित सीटू की हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने बताया कि प्रदेश में 19 हजार आंगनबाड़ी वर्कर्स और 18 हजार हेल्पर हैं।
न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये किया जाए
यूनियन अध्यक्ष खिमी भंडारी और महासचिव राज कुमारी ने कहा है कि यूनियन के संघर्षों की बदौलत केंद्र सरकार को आंगनबाड़ी कर्मियों के वेतन में इजाफा करना पड़ा है।
उन्होंने खेद जताया कि नारी उत्थान व महिला सशक्तीरण के नारे लगाने वाली मोदी सरकार आंगनबाड़ी में कार्यरत 27 लाख महिलाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन है।
सरकार द्वारा इतनी कम वेतन वृद्धि करने से साफ हो गया है कि यह सरकार महिलाओं को कोई प्राथमिकता नहीं देती। उन्होंने केंद्र सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को नियमित किया जाए व न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये किया जाए।
उन्होंने केंद्र सरकार से 45वें व 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। उन्होंने चेताया है कि यूनियन इतनी कम वेतन वृद्धि से संतुष्ट होने वाली नहीं है व वेतन वृद्धि को लेकर निर्णायक आंदोलन करेगी।