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वन भूमि पर निकले मनाली के 36 होटल, एनजीटी में पेश होगी रिपोर्ट
रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
Updated Wed, 08 Aug 2018 01:02 PM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल
एनजीटी के आदेश पर पर्यटन नगरी मनाली के होटलों की जांच में 36 होटल अवैध पाए गए हैं। उक्त होटल निशानदेही के दौरान सरकारी वन भूमि पर बनाए पाए गए। होटलों के निरीक्षण के साथ अब निशानदेही का काम भी शुरू हो गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच हथियारों से लैस पुलिस जवानों की निगरानी में मनाली के होटलों की जांच और निशानदेही की जा रही है।
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नौ सितंबर तक जिला प्रशासन कुल्लू को 650 होटलों और होम स्टे की जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार के माध्यम से एनजीटी में पेश की जानी है, लेकिन घाटी में लगातार बारिश इस काम में बाधा बन रही है। अभी तक मनाली के 315 होटलों की जांच ही हो पाई है। इसमें 165 होटलों में कई खामियां सामने आई हैं।
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होटलों व होमस्टे में रोजाना एक साथ दो से तीन टीमों के दबिश से मनाली में हड़कंप मचा है। एनजीटी की अगली सुनवाई नौ सितंबर को दिल्ली में होनी है। ऐसे में जांच को गति देने के लिए गठित तीनों टीमें अपने-अपने स्तर पर निरीक्षण को पहुंच रही हैं।
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315 होटलों में 165 होटलों में खामियां पाई गई हैं। इसमें 36 होटलों मालिकों पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप है। शेष 139 होटलों में पर्यटन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आईपीएच तथा टीसीपी के नियमों की अनदेखी की गई है।
कई होटलों बिना अनुमति के ही चल रहे हैं। ज्यादातर होटलों ने पर्यटन विभाग से पांच से 10 कमरों के चलाने की एनओसी ली है और जांच में कमरों की संख्या 15 से 22 तक पाई जा रही है।
मनाली में लगभग 50 फीसदी होटलों की जांच पूरी कर दी है। इससे पहले 121 होटलों की जांच रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी गई है। - अक्षय सूद, एडीएम कुल्लू