35 खिलाड़ियों को दिखाया बाहर का रास्ता
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भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के धर्मशाला स्थित प्रशिक्षण केंद्र से करीब 35 खिलाड़ियों की छुट्टी कर दी गई है। फिलहाल साई प्रशासन परफार्मेंस बेहतर न होने का तर्क दे रहा है, लेकिन अभी तक कारण का सही खुलासा नहीं हो पाया है।
साई प्रशासन ने इसी सप्ताह यह चौंकाने वाला फैसला लिया है। इससे युवा खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर है। साई की इस कार्रवाई से प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि प्रशासन परफार्मेंस न देने का तर्क दे रहा है।
जबकि साई के धर्मशाला स्थित हॉस्टल में बेहतरीन सुविधाएं व उच्च शैली के कोच हैं। बावजूद इसके खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रदर्शन न करना सुविधाओं और प्रशिक्षण दाताओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहा है।
अधिकतर स्टेट और नेशनल अवार्डी
साई हॉस्टल से निकाली गईं खिलाड़ी अधिकतर स्टेट और नेशनल अवार्डी हैं। बावजूद इसके साई को खिलाड़ियों के परफार्मेंस में कमी दिख रही है। अब ये किसी अन्य खेल संस्थान में प्रवेश भी नहीं ले सकते।
साई में प्रवेश के दौरान उच्च शैली के कोच खिलाड़ियों का ट्रायल लेते हैं व प्रतिभावान खिलाड़ियों का ही हॉस्टल को चयन होता है।
बावजूद इसके एक साथ 35 खिलाड़ियों को परफार्मेंस न देने का तर्क देकर निकालना सवाल उठा रहा है। वहीं, महिला खिलाड़ी प्रतिभा पटाकू, पायल, इंदु, अनुराधा और गीतांजलि आदि का कहना है कि वे राष्ट्रीय स्तर तक खेल चुकी हैं। बावजूद इसके उन्हें बेतुका सा तर्क देकर हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया है।
फैसले के खिलाफ जाएंगे कोर्ट
खिलाड़ियों के अभिभावक तिलक पटाकू (कांगड़ा), निर्मला देवी व गिरधारी लाल (मंडी) का कहना है कि साई के फैसले से उनके बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है।
यदि फैसला न बदला गया तो वह फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे।
मिलती हैं बेहतरीन सुविधाएं
साई में प्रवेश पाने वाले खिलाड़ी को खेल प्राधिकरण की ओर से बेहतरीन सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं। खिलाड़ियों का चयन नेशनल लेवल का कोच करता है।
इसके बाद खिलाड़ियों को पढ़ाई से लेकर खेल, स्वास्थ्य तक मूलभूत सुविधाएं साई की ओर से मुहैया करवाई जाती हैं।
परफार्मेंस न होने पर निकाला : साई
धर्मशाला स्थित साई प्रशिक्षण केंद्र की सहायक निदेशक की गैर मौजूदगी में प्रभार संभाल रहे कबड्डी के कोच एमएस वर्मा का कहना है कि परफार्मेंस बेहतर न होने के चलते खिलाड़ियों को निकाला गया है, वह सिर्फ इतना जानते हैं। बाकी, केंद्र की प्रभारी ही इस बारे में बता सकती हैं।