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दयानंद स्कूल के बाहर धरना-प्रदर्शन
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में निजी स्कूलों की मनमानी और फीस सहित अन्य तरीकों से की जा रही लूट के खिलाफ नवगठित छात्र अभिभावक मंच ने बुधवार को शहर के दयानंद स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इसमें मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, सह संयोजक बिंदु जोशी सहित आम अभिभावकों ने भी हिस्सा लिया और इस लूट के कारोबार पर अंकुश लगाने आम अभिभावकों को राहत देने की प्रदेश सरकार से मांग की। विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग ने निजी स्कूल को अभिभावकों से लूट की खुली छूट दे रखी है। स्कूल टैक्सी संचालक भी मनमाने रेट वसूल रहे हैं। प्रदेश में शिक्षा माफिया हावी हो गया है।
उन्होंने सरकार से मांग उठाई कि निजी स्कूलों को संचालित करने फीस, वर्दी सहित तरह तरह के वसूले जा रहे शुल्क को रोकने को रेगुलेटरी कमीशन लागू किया जाए। शिक्षा का अधिकार कानून 2006 और वर्ष 2005 की सीबीएसई की गाइडलाइन को निजी स्कूलों पर लागू किया जाए। शिक्षा के अधिकार कानून के हर निजी स्कूल में सरकारी की तर्ज पर लोकतांत्रिक तरीके से एसएमसी स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन अनिवार्य किया जाए। मंच की सह संयोजक बिंदु जोशी ने भी निजी स्कूलों की खुलेआम स्कूल के कार्यक्रमों, पिकनिक सहित तरह तरह के हथकंडे अपनाकर की जा रही लूट को समाप्त करने की मांग सरकार से उठाई। प्रदर्शन में फालमा चौहान, तनुजा थापटा, पिंकी रीना, सोनिया, रंजना, पन्ना, श्याम, बलबीर पराशर, एचएस पंवर, किशोरी, मनोहर, चेतन, बाबू, रिशु, सुरेंद्र, मनोज, दलीप ने भाग लिया।
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शिमला। राजधानी शिमला में निजी स्कूलों की मनमानी और फीस सहित अन्य तरीकों से की जा रही लूट के खिलाफ नवगठित छात्र अभिभावक मंच ने बुधवार को शहर के दयानंद स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इसमें मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, सह संयोजक बिंदु जोशी सहित आम अभिभावकों ने भी हिस्सा लिया और इस लूट के कारोबार पर अंकुश लगाने आम अभिभावकों को राहत देने की प्रदेश सरकार से मांग की। विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग ने निजी स्कूल को अभिभावकों से लूट की खुली छूट दे रखी है। स्कूल टैक्सी संचालक भी मनमाने रेट वसूल रहे हैं। प्रदेश में शिक्षा माफिया हावी हो गया है।
उन्होंने सरकार से मांग उठाई कि निजी स्कूलों को संचालित करने फीस, वर्दी सहित तरह तरह के वसूले जा रहे शुल्क को रोकने को रेगुलेटरी कमीशन लागू किया जाए। शिक्षा का अधिकार कानून 2006 और वर्ष 2005 की सीबीएसई की गाइडलाइन को निजी स्कूलों पर लागू किया जाए। शिक्षा के अधिकार कानून के हर निजी स्कूल में सरकारी की तर्ज पर लोकतांत्रिक तरीके से एसएमसी स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन अनिवार्य किया जाए। मंच की सह संयोजक बिंदु जोशी ने भी निजी स्कूलों की खुलेआम स्कूल के कार्यक्रमों, पिकनिक सहित तरह तरह के हथकंडे अपनाकर की जा रही लूट को समाप्त करने की मांग सरकार से उठाई। प्रदर्शन में फालमा चौहान, तनुजा थापटा, पिंकी रीना, सोनिया, रंजना, पन्ना, श्याम, बलबीर पराशर, एचएस पंवर, किशोरी, मनोहर, चेतन, बाबू, रिशु, सुरेंद्र, मनोज, दलीप ने भाग लिया।
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